नई दिल्ली [जागरण स्‍पेशल]। दस राज्यों की चार लोकसभा और दस विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा विरोधी दलों ने ऐसी शानदार जीत हासिल की है कि आठ दिन पहले बेंगलुरु में एकजुट विपक्षी नेताओं की तस्वीर चर्चा में आ गई है। ये नेता कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ 23 मई को शपथ समारोह के बाद एक मंच पर खड़े थे। हाथों में हाथ डालकर खिंचवाई गई इस तस्वीर से भाजपा समर्थकों ने विपक्षी एकता पर खूब तंज कसे थे। लेकिन आठ दिन बाद गुरुवार को आए उपचुनावों के नतीजों ने इस तस्वीर में मंच पर खड़े नेताओं का कद बढ़ा दिया है। आइए एक नजर डालते हैं इन नेताओं और इनकी पार्टी के हिस्से में आई सीटों पर...

सोनिया, राहुल गांधी
मां संप्रग तो पुत्र कांग्रेस अध्यक्ष। कांग्रेस को मेघालय में अंपाती, पंजाब में शाहकोट और कर्नाटक में राजाराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट पर जीत हासिल हुई है।

शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष। पवार भी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में थे। उनकी पार्टी के मधुकर कुकड़े ने महाराष्ट्र में भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट जीत ली है। उनका मुकाबला भाजपा के हेमंत पटले से था।

अजीत सिंह
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष। उनकी पार्टी की तबस्सुम हसन ने उप्र में प्रतिष्ठित कैराना लोकसभा सीट पर बड़ी जीत दर्ज की है। वह रालोद और संयुक्त विपक्ष यानी महागठबंधन की प्रत्याशी थीं। उनका मुकाबला भाजपा की मृगांका सिंह से थे।

सीताराम येचुरी
माकपा महासचिव। इनकी अगुआई में माकपा ने केरल में चेंगन्नुर विधानसभा सीट जीत ली है। यहां माकपा के साजी चेरियन का कांग्रेस के डी विजय कुमार और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई से मुकाबला था।

अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष। उत्तर प्रदेश में नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा के नईम उल हसन विजयी रहे। उन्होंने भाजपा की अवनी सिंह को हराया।

तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र। विपक्ष की एकजुटता की तस्वीर में थे लालू के प्रतिनिधि। बिहार में जोकीहाट विधानसभा सीट पर उनकी पार्टी के शाहनवाज आलम ने राज्य में सत्तारूढ़ जदयू के मुर्शीद आलम को पराजित कर दिया। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal