कर्नाटक, एएनआइ| Mekedatu Padyatra: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी दल के नेता सिद्धारमैया मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। मेकेदातु पदयात्रा के दौरान नियमों के उल्लंघन मामले में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया को समन भेजा गया है। उन्हें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट ने 24 मई को पेश होने के लिए तलब किया है। मामला मेकेदातु पदयात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने से जुड़ा हुआ है।

एडिशनल चीफ मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट ने समन में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया को 24 मई को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने को कहा है। इस साल जनवरी में कर्नाटक सरकार ने इस पदयात्रा निकालने के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष समेत 63 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। नेताओं पर कोविड काल में नियमों का उंलघन करने और भीड़ जुटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

लोगों ने नहीं लगाया था मास्क

इसके तहत निकाली गई सिद्धारमैया की रैली की तस्वीरें हैरान करने वाली थीं। रैली में शामिल होने वाले लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था। सिद्धारमैया ने बताया था कि कावेरी नदी पर मेकेदातु परियोजना के कार्यान्वयन की मांग को लेकर कांग्रेस ने पदयात्रा निकाली। योजना के अनुसार पदयात्रा को आगे बढ़ाने की बात पर जोर देते हुए, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने भाजपा सरकार पर पड़ोसी तमिलनाडु के साथ मिलकर मेकेदातु परियोजना के कार्यान्वयन में देरी करने का और राज्य के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया। सिद्धरमैया बुखार से उबरने के बाद आज फिर से मार्च में शामिल हुए थे। केस दर्ज होने के मामले में सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने हममें से 63 के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। वे और मामले दर्ज कर सकते हैं। हम इससे नहीं डरेंगे। यदि उन्हें लगता है कि मामले दर्ज कर हमें डरा सकते हैं तो हम इस भाजपा सरकार को मूर्ख सरकार कहेंगे... हम इसे कानूनी तरीके से लड़ सकते हैं।

Edited By: Achyut Kumar