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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Karnataka Election: अमित शाह ने बताया, कर्नाटक में क्यों खत्म किया मुस्लिमों को चार फीसदी आरक्षण

By Jagran NewsEdited By: Manish Negi
Published: Sat, 22 Apr 2023 01:54 PM (IST)

Karnataka Election 2023 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में मुस्लिमों को मिल रहा चार फीसदी आरक्षण ...और पढ़ें

कर्नाटक में क्यों खत्म किया मुस्लिमों को चार फीसदी आरक्षण
कर्नाटक में क्यों खत्म किया मुस्लिमों को चार फीसदी आरक्षण

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस पर हमला बोला। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने असंवैधानिक तरीके से मुस्लिमों को चार फीसदी आरक्षण दिया था, लेकिन भाजपा ने इस प्रथा को खत्म कर दिया।

धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं

एक समाचार चैनल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि भाजपा ने राजनीति में विशेष फायदे के लिए इस्तेमाल हो रहे 'खास पक्ष' को खत्म कर दिया और योग्य व्यक्तियों को आरक्षण के अधिकार दिए। शाह ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि संविधान धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण देने की अनुमति नहीं देता।

असंवैधानिक तरीके से दिया गया आरक्षण

कार्यक्रम में शाह ने कहा, "जहां तक सामाजिक दृष्टिकोण से न्याय का संबंध है। कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक में असंवैधानिक तरीके से 4 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण दिया था। यह असंवैधानिक है, क्योंकि हमारा संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मंजूरी नहीं देता है।"

योग्य लोगों को दिया अधिकार

शाह ने बताया कि बीजेपी सरकार ने मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण को खत्म कर दिया है। सरकार ने एससी, एसटी, वोक्कालिगा और लिंगायत के आरक्षण को बढ़ा दिया है। हमने राजनीतिक लाभ के लिए विशेष पक्ष को समाप्त कर दिया है। हमने योग्य लोगों को अधिकार दिया है।

बीते महीने खत्म किया था आरक्षण

बता दें कि बीते महीने कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण को खत्म कर दिया था। सरकार ने इसे दो प्रमुख समुदायों के मौजूदा कोटे में जोड़ने का फैसला लिया था। फैसले के तहत ओबीसी श्रेणी के 2बी वर्गीकरण के तहत मुसलमानों को दिए गए 4 प्रतिशत आरक्षण को अब दो समान भागों में विभाजित किया जाएगा और वोक्कालिगा और लिंगायत के मौजूदा कोटे में जोड़ा जाएगा।