बेंगलुरु, एएनआइ। कर्नाटक में जारी सियासी घमासान का आज अंत नहीं हुआ। सदन में हंगामेे के बाद स्पीकर ने कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया है। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में कुमारस्वामी सरकार आज फ्लोर टेस्ट का सामना करने वाली थी, लेकिन सदन में हंगामें की वजह से फ्लोर टेस्ट नहीं हो पाया। विश्वास मत पर कर्नाटक विधानसभा में फिलहाल हाइवोल्टेज जारी है। इसी बीच आज फ्लोर टेस्ट न होने के विरोध में भाजपा विधायकों ने रात भर सदन में डेरा डालने का फैसला किया है। 

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन में भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। तो वहीं भाजपा ने कांग्रेस-जेडीएस पर जानबूझकर मतदान में देरी का आरोप लगा रही है। इसी बीच भाजपा नेताओं ने कर्नाटक के राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। दूसरी ओर कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल की फोटो लहराई। श्रीमंत पाटिल मुंबई के अस्पताल में भर्ती हैं।

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सदन को एक दिन के लिए स्थगित किए जाने के बाद राज्य विधानसभा के अंदर भाजपा विधायक। वे रात भर धरना पर रहने वाले हैं। भाजपा विधायक मांग कर रहे हैं कि स्पीकर, राज्यपाल के पत्र का जवाब दें और फ्लोर टेस्ट कराएं। 

 

भाजपा विधायक राज्य विधानसभा में रात भर धरने पर बैठेंगे। उन्होंने यह फैसला स्पीकर के राज्यपाल की बात न मानने पर लिया है। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 

विधानसभा में कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एचके पाटिल ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्यपाल सत्र की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। मैं राज्यपाल से अनुरोध करता हूं कि वे सत्र की कार्यवाही में हस्तक्षेप न करें।

कांग्रेस विधायकों ने कर्नाटक विधानसभा में अपने विधायक श्रीमंत पाटिल की तस्वीरों के साथ विरोध प्रदर्शन किया।

कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने विधानसभा में कहा कि भले ही आज आधी रात के 12 बज जाए, लेकिन विश्वास मत का परीक्षण आज ही होना चाहिए।

भाजपा नेता प्रतिनिधि जगदीश शेट्टार, अरविंद लिंबावली, बसवराज बोम्मई, एसआर विश्वनाथ और एन रविकुमार ने आज राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की और विश्वास मत के साथ एक ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल ने स्पीकर से दिन के अंत तक विश्वास मत पर विचार करने को कहा है। 

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने विधानसभा स्पीकर को आज ही विश्वासमत परीक्षण पर विचार करने को कहा है।इससे पहले भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि सीएम ने आज विश्वासमत रखा, लेकिन जब इस पर बहस शुरू हुई तो सिद्धारमैया, कृष्णा बाइर गौड़ा और एचके पाटिल ने दूसरे मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। हमने राज्सपाल से मांग की है कि स्पीकर को बहस जारी रखने का निर्देश दें। 

मुंबई में आगे के ईलाज के लिए विधायक श्रीमंत पाटिल को बॉम्बे अस्पताल से सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इसी बीच सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित।

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार ने गृह मंत्री एमबी पाटिल को विधायक श्रीमंत पाटिल के परिजनों से संपर्क करने का निर्देश दिया है। स्पीकर ने उनसे कहा कि कल तक मुझे इस बारे में जानकारी दें। यह स्थिति स्वभाविक नहीं लग रही है, अगर गृह मंत्री सुरक्षा देने में नाकाम रहते है तो मैं खुद डीजीपी से बात करूंगा। 

विश्वास मत पर बहस के दौरान कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार ने कहा, 'मैं किस तरह का स्पीकर कहा जाऊंगा अगर मैं बिना लेटरहेड या तारीख वाले दस्तावेज (विधायक श्रीमंत पाटिल के बीमार होने के दावे) के आधार पर कार्रवाई करूं?'

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंड्डू राव ने सदन में कहा कि जिस रिसॉर्ट में हमारे विधायक ठहरे थे वहां एक अस्पताल था, फिर श्रीमंत पाटिल ईलाज के लिए पहले चेन्नई और इसके बाद मुंबई क्यों गए ? वे एक दम ठीक हैं, उन्हें कुछ नहीं हुआ। ये भाजपा की चाल है।  

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वासमत बहस के दौरान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया से बात की।

कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के डीके शिवकुमार ने कहा '8 विधायक थे, जिन्होंने एक साथ यात्रा की थी, यहां उनमें से एक (श्रीमंत पाटिल) की एक तस्वीर स्ट्रेचर पर दिख रहे हैं, ये लोग कहां हैं ? मैं स्पीकर से अनुरोध करता हूं कि वह हमारे विधायकों की सुरक्षा करें। 

कर्नाटक के मंत्री और एच डी देवेगौड़ा के बेटे एच डी रेवन्ना आज विश्वासमत पर बहस के लिए विधानसभा में नंगे पांव पहुंचे हैं।

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत पर जारी बहस के दौरान हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद सदन की कार्यवाही को 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने बहस के दौरान कहा कि जब तक हमें सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश पर स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता, तब तक इस सत्र में फ्लोर टेस्ट लेना उचित नहीं है, ये संविधान के खिलाफ है। ​​अगर हम विश्वास प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ते हैं, अगर व्हिप लागू हो और वे (बागी विधायक) सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण सदन में नहीं आते हैं, तो यह गठबंधन सरकार के लिए एक बड़ा नुकसान होगा।

डीके शिवकुमार, विधानसभा में विश्वास मत पर बहस के दौरान कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भाजपा पर करारा हमला किया। डीके शिवकुमार ने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, विपक्ष के नेता होने के नाते बीएस येद्दयुरप्पा देश को गुमराह कर रहे हैं। वह अदालत को भी गुमराह कर रहे हैं।

कर्नाटक विधानसभा में जारी विश्वास मत पर बहस के दौरान स्पीकर ने कहा कि, यह सदन सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता है। मुझे कांग्रेस विधायक दल के नेता को स्पष्ट कर देना चाहिए कि यह सदन आपके किसी भी अधिकारी को व्यायाम करने से नहीं रोक रहा है। मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है। यदि आप सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उत्तरदाताओं में से एक के रूप में खुद को पेश करने का इरादा रखते हैं, तो आप ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। जब कोई सदस्य नहीं आना चुनता है, तो हमारे परिचारक उन्हें उपस्थिति के रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने की अनुमति नहीं देंगे। संबंधित सदस्य सदन में उपस्थित होने के लिए तैयार किए जाने वाले किसी भी नियमन को आकर्षित करने का हकदार नहीं होगा।

कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वासमत पर बहस के दौरान कहा कि मुझमें और मेरे मंत्रियों के अंदर स्वाभिमान है। लेकिन आखिर सरकार को अस्थिर करने के लिए कौन जिम्मेदार है ?

विश्वास मत पर कर्नाटक विधानसभा में फिलहाल बहस चल रही है। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस विधायक के बीच तीखी बहस हो रही है।

कर्नाटक विधानसभा में सीएम एचडी कुमारस्वामी संबोधित कर रहे हैं। सीएम एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया है कि उनके पास 105 विधायकों का समर्थन है। कुमारस्वामी ने कहा है कि- 'मैं सिर्फ इसलिए नहीं आया क्योंकि इस बारे में सवाल है कि मैं गठबंधन सरकार चला सकता हूं या नहीं। घटनाओं से पता चला है कि कुछ विधायकों द्वारा भी अध्यक्ष की भूमिका को खतरे में डाल दिया गया है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी विधानसभा पहुंच गए हैं। आज कुमारस्वामी सरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगी।

विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में शामिल होने से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येद्दयुरप्पा ने कहा है कि वो 101 प्रतिशत आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस गठबंधन 100 से कम हैं और हम 105 पर हैं। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी पराजय निश्चित है।

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया भी फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए विधानसभा पहुंच गए हैं। जहां आज कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को बहुमत साबित करना है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येद्दयुरप्पा और बीजेपी विधायक विधानसभा पहुंच गए हैं। विधानसभा में आज कुमारस्वामी सरकार फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी।

फ्लोर टेस्ट से पहले गायब हुए कांग्रेस विधायक
कर्नाटक कांग्रेस के विधायक श्रीमंत बालासाहेब पाटिल महत्वपूर्ण फ्लोर टेस्ट से पहले गायब हो गए है। कर्नाटक विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट होना है। बताया जा रहा है कि बालासाहेब पाटिल को आखिरी बार करीब रात 8 बजे रिजॉर्ट में देखा गया था।सूत्रों के मुताबिक पूरी कांग्रेस पार्टी लापता विधायक श्रीमंत बालासाहेब पाटिल की तलाश में जुट गई है। उन्हें रात 8 बजे के आसपास रिसॉर्ट में देखा गया था। कांग्रेस के नेता एयरपोर्ट सहित हर जगह पर उनकी तलाश कर रहे हैं।

..तो गिर जाएगी कर्नाटक में सरकार
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश को बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेना है। 15 बागी विधायकों का इस्तीफा अगर स्पीकर मंजूर कर लेते हैं तो ऐसे में कुमारस्वामी सरकार की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं। ऐसे वक्त में जब एक कांग्रेस विधायक रोशन बेग सदन से निलंबित चल रहे हैं, उनका भी इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। इस तरह कुल मिलाकर कर्नाटक विधानसभा में सदस्यों की संख्या 224 से घटकर 208 रह जाएगी। बहुमत हासिल करने के लिए कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार को 105 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, क्योंकि सभी 15 बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर होने पर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास 101 विधायकों का ही समर्थन बचेगा।इस्तीफा मंजूर होने पर कांग्रेस विधायकों की संख्या 79 से घटकर 66 और जेडीएस विधायकों की 37 से घटकर 34 हो जाएगी। ऐसे में इसका सीधा फायदा भाजपा को होने की उम्मीद है, जिसका दावा है कि उसके पास 105 विधायकों के साथ 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है।

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 15 बागी विधायकों के इस्‍तीफों पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने इस्तीफों पर निर्णय लेने का अधिकार स्पीकर केआर रमेश कुमार पर छोड़ दिया है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने विधानसभा अध्‍यक्ष को कहा कि वह अपनी मर्जी के मुताबिक जो भी फैसला करना चाहते हैं, वह करें लेकिन वह पहले बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लें। हालांकि, न्‍यायालय ने यह भी कहा कि वह स्पीकर पर फैसला लेने के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक के विधायकों को विश्‍वास मत में भाग लेने को मजबूर नहीं किया जा सकता है। फैसले के बाद कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री (Karnataka CM) कुमारस्‍वामी (HD Kumaraswamy) ने बेंगलुरु (Bengaluru) में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक भी बुलाई थी।

स्‍पीकर अदालत में पेश करें अपना फैसला
मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि बागी विधायक सदन की कार्यवाही हिस्सा लेने या नहीं लेने के लिए स्वतंत्र हैं। विधायकों को इसके लिए बाध्य न किया जाए। विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा अध्‍यक्ष नियमों के अनुसार फैसला करें। स्पीकर जब भी फैसला लें वह फैसला अदालत में पेश किया जाए। न्‍यायालय ने कहा कि कानूनी मसलों पर विस्‍तृत फैसला बाद में दिया जाएगा।

Posted By: Shashank Pandey