नई दिल्‍ली, एएनआइ। भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने सिब्बल पर मनी लांन्डि्रंग के आरोपी के साथ लेन-देन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साउथ अफ्रीकी वेबसाइट और इंडियन न्यूज पोर्टल की एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सीबीआई मनी लान्डि्रंग मामले में जिस शख्स की जांच कर रही थी सिब्बल और उनकी पत्नी ने उसी से ग्रैंड कैस्टिलो नाम की कंपनी का मालिकाना हक प्राप्त किया।

केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कपिल सिब्‍बल पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने आरोप लगाया कि मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले शख्स से कपिल सिब्बल के संबंध रहे हैं। सिब्बल और उनकी पत्नी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी के साथ लेन-देन किया, जिसके सबूत मौजूद हैं। इस दौरान उन्‍होंने दो मीडिया संस्‍थानों का भी जिक्र किया।

स्‍मृति ने इरानी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा, 'साल 2013 में मई के महीने तक कपिल सिब्बल जी देश के कानून एवं न्‍याय मंत्री थे। नवंबर 2013 में न्‍यूज एजेंसी पीटीआइ में सीबीआइ के एक केस के संदर्भ में एक खबर आई। खबर के मुताबिक, एसबीआइ के एक अफसर के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही थी। चूंकि लोन डिस्‍बर्सल में घूस का आरोप उन पर था। जिस संदिग्‍ध व्‍यक्ति का उल्‍लेख इस खबर के संदर्भ में था, वो वर्ल्‍ड विंडो ग्रुप के चेयरपर्सन पीयूष गोयल थे। दक्षिण अफ्रीका की एक न्‍यूज ऑनलाइन साइट डेली मेवरिक ने एक खबर के संदर्भ इसी व्‍यक्ति पीयूष गोयल का उल्‍लेख किया। इस खबर में लिखा गया था कि ये व्‍यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्‍त पाया गया है। इस संभावना को व्‍य‍क्‍त करते हुए दक्षिण अफ्रीका की इस साइट ने जब सिब्‍बल साहब से संपर्क किया, तो उनके बीच की वार्तालाप को डेली मेवरिक की न्‍यूज साइट पर उपलब्‍ध है। हिंदुस्‍तान की एक न्‍यूज साइट ने 28 मार्च को इसी संदर्भ में एक स्‍टोरी लिखी। खबर का सार इतना है कि जिस व्‍यक्ति के खिलाफ सीबीआइ यूपीए की सरकार के दौरान घूस और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामले में जांच कर रही थी, उसी शख्‍स से कपिल सिब्‍बल और उनकी पत्‍नी ने ग्रैंड केस्टिलो नाम की एक कंपनी का मालिकाना हक प्राप्‍त किया। अब ये कहा जा सकता है कि कपिल सिब्‍बल को यह अधिकार है वह किसी भी शख्‍स से कुछ भी खरीद सकते हैं। ऐसे शख्‍स से भी जिस पर सीबीआइ जांच चल रही हो। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्‍या ये कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को मंजूर है?'

स्‍मृति इरानी ने बताया कि कपिल सिब्‍बल ने दक्षिण अफ्रीका की साइट के पत्रकार को कहा था कि उनका किसी ऐसी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है, जिसका मालिक मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्‍त है। लेकिन अब इसके सबूत भारत में पाए जा रहे हैं। अब ये सवाल कपिल सिब्‍बल ही बता सकते हैं कि उन्‍होंने झूठ क्‍यों बोला?

कपिल सिब्‍बल का पलटवार

स्मृति इरानी के आरोपों पर कपिल सिब्बल ने जवाबी हमला किया। उन्‍होंने कहा कि सीबीएसइ पेपर लीक, चुनाव की तारीखें लीक, आधार का डेटा लीक, लेकिन मंत्री के डिग्री की जानकारी लीक नहीं होती। देखिए, सीबीएसइ पेपर लीक से ध्यान हटाने के लिए मुझपर आरोप लगाए गए हैं। सिब्बल बोले 'हां मैने कंपनी खरीदी, टैक्स भरे और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। स्मृति इरानी को मनी लॉन्ड्रिंग की परिभाषा की समझ नहीं। भाजपा का ध्यान सरकार चलाने की ओर नहीं, केवल दूसरों पर आरोप लगाना सत्ताधारी पार्टी का काम रह गया है।

Posted By: Tilak Raj