भोपाल, जेएनएन।  मध्य प्रदेश के भोपाल में रेहड़ी-पटरी वालों के पक्ष में प्रदर्शन करते वक्त भोपाल मध्य के पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़कों पर खून बहेगा और यह खून कमलनाथ का होगा। गुरुवार की इस टिप्पणी पर शुक्रवार को विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को मारने की भाजपा साजिश रच रही है। उधर, भाजपा के पूर्व विधायक को मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने के अलावा अन्य मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया।

भोपाल के एमपी नगर में अतिक्रमण कर वर्षो से जमे रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने का पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ लगातार विरोध कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा इन्हें हटाए जाने के विरोध में गुरुवार को सुरेंद्रनाथ ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर खून बहेगा। फिर बोले-यह खून कमलनाथ का होगा। इसके बाद शुक्रवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। संभवत: सदन में यह पहला मौका था, जब सत्तापक्ष के विधायकों ने गर्भगृह में आकर नारेबाजी की हो। प्रश्नकाल शुरू होते ही मंत्रियों सहित सत्तापक्ष के सभी विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के बयान को लेकर विरोध जताने लगे।

गांधी के देश में गोडसे की विचारधारा नहीं चलेगी
सदन में मंत्रियों ने कहा कि उक्त घटना से भाजपा का असली चरित्र सामने आ गया है। महात्मा गांधी के देश में गोडसे की विचारधारा नहीं चलेगी। भाजपा नेता खून-खराबे की बातें कर रहे हैं। वे धमकी दे रहे हैं कि सड़कों पर जो खून बहेगा वह मुख्यमंत्री कमलनाथ का होगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हम चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। हंगामे के कारण प्रश्नकाल में दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान मुख्यमंत्री भी सदन में मौजूद थे।

आरोपित पूर्व विधायक जमानत पर रिहा
मुख्यमंत्री कमलनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और नगर निगम कार्यालय पर तालाबंदी कर शासकीय कार्य में बाधा डालने और नगर निगम के अधिकारियों को धमकाने समेत चार मामलों में पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह को शुक्रवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया गया। जिला कोर्ट से उन्हें 30- 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया। उन्हें जमानत देने के दौरान कोर्ट ने परिसर में नारेबाजी न करने की चेतावनी भी दी।

मध्य प्रदेश के  नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि जो भी बात सामने आई है, वो सदन में नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय दल की बैठक में सांसद और विधायकों के लिए कहा था कि सभी को श्रेष्ठ संसदीय जीवन निवर्हन करना है। मप्र में जो घटनाएं घटी, उन पर भी प्रधानमंत्री का मत सबके सामने है। हमारी पार्टी ऐसे विचार या भाषण से सहमत नहीं है और पार्टी कार्रवाई को लेकर निर्णय करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा 'सार्वजनिक रूप से किसी भी दल के वरिष्ठ नेता के लिए इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।'

Posted By: Tanisk

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