भोपाल, स्टेट ब्यूरो। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक बार फिर पत्र लिखकर निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों के खाने की समस्या की चिंता जताई है। कमल नाथ ने अपने कार्यवाहक मुख्यमंत्री के नाते तीन महीने का राशन और एक महीने का मुफ्त राशन देने के निर्देशों के बावजूद अब जून में मुफ्त राशन के आदेश किए जा रहे हैं जिसे उन्होंने जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है।

निम्न-मध्यम परिवारों के साथ क्रूर मजाक, सरकार जून में देगी मुफ्त राशन

उन्होंने मांग की है कि निम्न-मध्यम वर्ग परिवारों को एक महीने के मुफ्त राशन सहित तीन महीने का राशन उपलब्ध कराया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एकबार फिर शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज चौहान चौहान को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार जून में मुफ्त राशन देगी जो संवेदनहीनता का फैसला है। लॉकडाउन में आज लोगों को परेशानी हो रही है और उन्हें दो महीने बाद मुफ्त राशन देने का निर्णय जनता के साथ क्रूर मजाक है।

लॉकडाउन के चलते निम्न वर्ग के परिवारों के सामने संकट 

मुख्यमंत्री चौहान को लिखे पत्र में कमल नाथ ने कहा है कि आज लॉकडाउन की परिस्थिति में निम्न वर्ग के परिवारों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है। उनके यहां दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं खत्म हो रही हैं। कई श्रमिक परिवार दूसरे राज्यों से पलायन कर लौट रहे हैं और उनके पास खाने को कुछ नहीं है।

अभाव में जीवन जीने को मजबूर

प्रदेश के अनेक मध्यम वर्गीय परिवार और सरकार के चतुर्थ श्रेणी स्तर के कर्मचारी जिनमें आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, कोटवार, होमगार्ड सैनिक तथा अन्य अल्प आय वर्ग के कर्मचारी शामिल हैं, अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। प्रदेश के लिए यह चिंता का विषय है।

कमल नाथ ने कहा- तीन माह का राशन तथा एक महीने का मुफ्त राशन मिले

कमल नाथ ने कहा है कि निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों को तत्काल तीन माह का राशन तथा एक महीने का मुफ्त राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली से उपलब्ध कराया जाए।

Posted By: Bhupendra Singh

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