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राहुल, अखिलेश से ममता तक... विपक्ष पर बरसे जेपी नड्डा, बोले- सौ बार दोहराने से झूठ सच नहीं बन जाता

Published: Mon, 28 Sep 2026 09:36 PM (IST)

भाजपा ने एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। जेपी नड्डा विपक्ष पर ...और पढ़ें

विपक्ष पर जेपी नड्डा का जोरदार हमला (फोटो- ANI)

विपक्ष पर जेपी नड्डा का जोरदार हमला (फोटो- ANI)

HighLights

  1. भाजपा ने एसआईआर और वोट चोरी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

  2. जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को झूठ न दोहराने की सीधी चुनौती दी

  3. विपक्ष पर 'टूलकिट मानसिकता' और वंशवादी राजनीति का आरोप लगाया

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा अब विपक्षी दलों के साथ आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गई है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नेता प्रतिपक्ष को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि "राहुल गांधी, कान खोलकर सुन लीजिए, झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, सच पराजित नहीं हो जाता।"

नड्डा ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी का नाम लेते हुए उनपर ‘टूलकिट मानसिकता’ रखने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर देश की प्रगति में बाधा डालने का आरोप लगाया।

विपक्ष पर हमला करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि इनके नेताओं की राजनीति जनसेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की जगह वंशवादी फायदों के लिए सत्ता हासिल करना है। इसके लिए वे झूठ गढ़ते हैं और देश का माहौल खराब करते हैं।

उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इन विघटनकारी साजिशों को समझेगी और निर्णायक रूप से खारिज कर भी करेगी। नड्डा ने इसे दुर्भाग्य बताया कि कांग्रेस और पूरा आईएनडीआइए गठबंधन देश की प्रगति को देखकर कुंठित और हताश है।

सच्चाई यह है कि विपक्ष के तमाम मनगढ़ंत आरोप तथ्यों की कसौटी पर बार-बार ध्वस्त हुए हैं। चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर को लेकर घमासान की ऐसी मनगढ़ंत खबर को सभी चुनाव आयुक्तों ने पर्दाफाश कर दिया। इसके बावजूद ये नए सिरे से फिर माहौल को खराब करने का प्रयास करने लगे हैं।

जेपी नड्डा ने आरोप लगाओ, देश का माहौल बिगाड़ो और भाग जाओ को विपक्ष की कार्यशैली बताया। उन्होंने कहा कि इन्हें न राष्ट्र की सुरक्षा से सरोकार है, न जनता की भलाई से और न ही देश के मान-सम्मान से। इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हथियाना है, और वह भी जनसेवा के लिए नहीं, बल्कि 'परिवारवाद का पोषण' करने और 'मेवा खाने' के लिए।