नई दिल्ली, प्रेट्र। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध परस्पर सौहार्द और संवेदनशीलता पर ही आधारित हो सकते हैं। मंगलवार को कतर इकोनोमिक फोरम की बैठक को वर्चुअल संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद से जुड़े मामले में बड़ा मुद्दा यह है कि क्या भारत और चीन परस्पर संवेदनशीलता एवं सम्मान पर आधारित रिश्ते बना सकते हैं।

जयशंकर ने कहा- क्या बीजिंग लिखित समझौते पर कायम रहेगा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि क्या बीजिंग उस लिखित समझौते पर कायम रहेगा जिसमें दोनों पक्षों द्वारा सीमा पर बड़ी संख्या में सशस्त्र बलों की तैनाती नहीं करना शामिल है।

भारत का क्वाड का हिस्सा बनने और चीन के साथ सीमा विवाद में कोई संबंध नहीं

उन्होंने साफ किया कि भारत का क्वाड का हिस्सा बनने और चीन के साथ सीमा विवाद में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि क्वाड का सदस्यों देशों के बीच वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अपना एजेंडा है जो समुद्री सुरक्षा, परस्पर संपर्क, शिक्षा और वैक्सीन को लेकर है।

भारत-चीन सीमा विवाद क्वाड के अस्तित्व में आने से पहले का है

भारत-चीन सीमा विवाद क्वाड के अस्तित्व में आने से पूर्व का है। कई मायनों में यह एक चुनौती और समस्या है जो क्वाड से बिल्कुल अलग है। निसंदेह फिलहाल दो बड़े मसले हैं, जिनमें से एक लद्दाख में सैनिकों की तैनाती का है।

विदेश मंत्री ने कहा- भारत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जी-7 के साथ काम करने को उत्सुक

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जी-7 देशों के साथ काम करने को उत्सुक है। बता दें कि जी-7 के देशों ने हाल में एक बैठक के दौरान चीन के खरबों रुपये के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट से मुकाबला करने के लिए उसी तरह की परियोजना बिल्ड बैक बेटर व‌र्ल्ड (बी3डब्ल्यू) को शुरू करने पर जोर दिया है।

Edited By: Bhupendra Singh