पणजी, प्रेट्र। कांग्रेस ने कहा है कि उसे संसद में राफेल करार पर चर्चा करने में कोई एतराज नहीं है। लेकिन, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा इसकी जांच कर तथ्यों को इकट्ठा किए जाने के बाद ही वह इसके लिए तैयार होगी। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयपाल रेड्डी ने कहा कि 2019 में जब उनकी पार्टी सत्ता में आएगी, तो वह राफेल करार की जांच कराएगी।

 रेड्डी ने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। हमें कुछ तथ्य इकट्ठा करने हैं और यह जेपीसी द्वारा ही किया जा सकता है। जेपीसी तथ्य इकट्ठा करती है। हमें तथ्यों की जानकारी नहीं है। तथ्यों के बारे में पूरी जानकारी हुए बगैर आप निष्कर्ष पर कैसे पहुंच सकते हैं। रेड्डी से पूछा गया था कि कांग्रेस इस मुद्दे पर संसद में चर्चा क्यों नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव के बाद जब हम सत्ता में आएंगे और हमें यकीन है कि हम आएंगे, तो हम जांच करेंगे। राफेल सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसने तय किया कि उसे क्या करना है। हम अदालत में नहीं हैं। उच्चतम न्यायालय का फैसला सीमित मुद्दे पर है। इस पर फिर से विचार हो सकता है।

रेड्डी ने पर्रीकर पर लगाया मोदी को ब्लैकमेल करने का आरोप
जयपाल रेड्डी ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर पर राफेल सौदे के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है, ताकि वे अपने पद पर बने रह सकें।

मडगांव में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली के समापन कार्यक्रम में पर्रीकर के त्यागपत्र की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वे नैतिकता की बातें करते हैं। लेकिन, खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी से जोंक की तरह चिपके हुए हैं। तब नैतिकता कहां चली जाती है? रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाने के बावजूद कांग्रेस राफेल मुद्दा उठाने का व्यर्थ प्रयास कर रही है।

Posted By: Arun Kumar Singh

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