जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआइ) कार्ड धारकों या विदेशी नागरिकों को एयरपोर्ट पर रोकने की प्रक्रिया को दिल्ली हाई कोर्ट ने अनुचित करार दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि किसी भी ओसीआइ व विदेशी नागरिकों को उन्हें ब्लैकलिस्ट किए जाने की सूचना पहले दी जाए। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्लैकलिस्ट करने के आधार पर रोकना ठीक नहीं है। विदेशी नागरिकों को एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्लैटलिस्ट किए जाने की सूचना देकर प्रवेश करने से रोकने के कई मामले अदालत में आ चुके हैं।

एयरपोर्ट पर रोके जाने की प्रक्रिया को हाई कोर्ट ने बताया अनुचित

याचिका के अनुसार, याचिकाकर्ता के पति ओसीआइ कार्ड धारक हैं और वैध वीजा होने के बावजूद भी उन्हें भारत में प्रवेश करने से एयरपोर्ट पर रोक दिया गया था। याचिका पर सुनवाई के बाद पीठ ने इस बाबत केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि ओसीआइ व विदेशी नागरिकों को उन्हें ब्लैकलिस्ट किए जाने की सूचना पहले से दी जाए, ताकि भारत आने के बाद उसे परेशानी का सामना न करना पड़े।

पीठ ने कहा, पहले से सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित करे केंद्र सरकार

पीठ ने कहा कि यह न सिर्फ अनुचित है, बल्कि भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ है। इस प्रक्रिया की निंदा की जानी चाहिए। याचिका के अनुसार, महिला के पति भारतीय मूल के हैं और 2006 में उन्होंने इग्लैंड की नागरिकता ले ली थी। याचिका के अनुसार, महिला के पति अगस्त में अमृतसर में एक कान्फ्रेंस के लिए आ रहे थे और उन्हें प्रवेश देने से इन्कार कर दिया गया था।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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