जेएनएन, नई दिल्ली : पुलवामा में आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भारी तनाव पैदा हो गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दुनिया को भी लगने लगा है कुछ न कुछ गंभीर होगा। लेकिन जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को लगता है कि दोनों देशों के बीच अब युद्ध का खतरा टल गया है। उनका कहना है कि तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले हफ्ते अपने दूत को भेजा था, जिसने पीएम मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अब्दुल्ला ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें खुशी है कि इमरान खान ने अपने सलाहकार को भेजा था, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की। इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव में नरमी आई है और युद्ध का खतरा भी टला है। यह अच्छा संकेत है।इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ (पीटीआइ) के अल्पसंख्यक सीट से सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी।

मुलाकात के बाद उनका बयान भी आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। वंकवानी ने यह भी कहा था कि उनकी मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान की रैली में पाकिस्तान के साथ बातचीत के संकेत दिए थे। वंकवानी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ प्रयागराज में जारी कुंभ मेले में शिरकत करने आए थे।

 

Posted By: Mangal Yadav

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