नई दिल्ली, एएनआइ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कदमों की अगुआई करने को तैयार है। भारत कोशिशों को केवल अपनी धरती तक सीमित नहीं रखेगा। इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (ITC) प्रोग्राम के 55 साल पूरा होने के मौके पर विदेश मंत्री ने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंध शर्तो या प्रतिस्पर्धा पर नहीं बल्कि सम्मान, संप्रभुता एवं निजी चयन पर केंद्रित हैं।

सौर ऊर्जा क्षेत्र में हो रहा तेजी से विकास

जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की दिशा में भारत का कदम इस बात का संकेत है कि हम अपने बच्चों को स्वच्छ एवं बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास कर रहा है। सौर गठबंधन पहल के तहत भारत ने 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य तय किया है और इसे हासिल करने की ओर बढ़ रहा है।

विदेश नीति में भारत की अहम भूमिका

विदेश मंत्री ने अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास के लिए गठजोड़ (डेवलपमेंट कोऑपरेशन) भारत की विदेश नीति में अहम भूमिका निभाता है। सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंध समानता और एक-दूसरे की संप्रभुता के सम्मान पर केंद्रित होते हैं।

ई-विद्या भारती और ई-आरोग्य भारती लांच

जयशंकर ने अफ्रीका के लिए ई-विद्या भारती और ई-आरोग्य भारती के नाम से टेली-एजुकेशन व टेली-मेडिसिन प्रोजेक्ट लांच किए हैं। ई-विद्या भारती की मदद से अफ्रीका के छात्र घर बैठे भारत के बड़े शिक्षण संस्थानों से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। वहीं ई-आरोग्य भारती की मदद से अफ्रीका के डॉक्टर व मरीज भारत के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा ले सकेंगे।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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