नई दिल्ली, प्रेट्र। बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद के कैंप पर एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पनपे तनाव को कम करने में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अहम भूमिका निभाई। यूएई के राजदूत ने सोमवार को यह दावा किया।

आइआइटी दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान राजदूत अहमद अल बन्ना ने, हालांकि, यह भी स्पष्ट किया कि यूएई ने दोनों देशों के बीच कोई मध्यस्थता नहीं, बल्कि उसका प्रयास सिर्फ तनाव कम कराने तक सीमित था।

बन्ना ने 28 फरवरी को आबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बि जायद अल-नाहयान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से टेलीफोन पर की गई बातचीत का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास सिर्फ यह था कि जैसे यूएई ने ईरान के साथ अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया, उसी तरह भारत-पाक भी अपने मसले वार्ता के जरिए सुलझा लें।

पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी शिविर पर हवाई हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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