नई दिल्ली, प्रेट्र। डोकलाम प्रकरण के चलते भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैदा हुआ गतिरोध अब लगभग खत्म हो गया है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को इस बात के साफ संकेत दिए। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच होने वाला सालाना युद्धाभ्यास फिर से शुरू होगा। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास दूर हो रही है और संबंध अब सुधर रहे हैं।

बदलते रिश्ते:-

-सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने चीन से खुशगवार होते रिश्तों पर डाली रोशनी

-कहा-डोकलाम के कारण रिश्तों में आई खटास दूर हो रही और संबंध सुधर रहे हैं

जनरल रावत ने कहा कि चीन के साथ मिलिट्री डिप्लोमेसी कारगर रही है और डोकलाम गतिरोध के बाद रुकी बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी दोबारा शुरू हो गई हैं। रावत ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच फिर से दोस्ताना संबंध हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'चीन के साथ हैंड-इन-हैंड अभ्यास हर साल होता रहा है। केवल पिछले साल, यह अभ्यास नहीं हुआ (डोकलाम को लेकर तनाव बढ़ने के कारण), लेकिन यह अभ्यास वापस पटरी पर आ गया है।'

गौरतलब है कि पिछले साल डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक 73 दिनों तक आमने-सामने थे। दोनों पक्षों के बीच लगातार विचार-विमर्श के बाद अगस्त में यह तनाव खत्म हुआ था। जनरल रावत ने आगे कहा, 'इस प्रकार से चीन के साथ मिलिट्री डिप्लोमेसी ने काम किया है और यह आगे बढ़ रही है। यह सुनिश्चित कर रही है कि रिश्तों में गर्मजोशी बनी रहे.. रिश्तों में खटास आ गई थी लेकिन मुझे लगता है कि यह सब अब खत्म हो चुका है।'

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने चीन की यात्रा पर जा रही हैं और इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में बेहतरी के संकेत इसी से मिलते हैं कि डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों पक्षों की ओर से टॉप रैंकिंग विजिट्स हो रही हैं। दिसंबर में चीन के विदेश मंत्री वांग यी (रूस, इंडिया, चीन) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आए थे। उन्होंने भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की थी।

इतना ही नहीं, विदेश सचिव विजय गोखले ने भी पेचिंग का दौरा किया था, जहां उन्होंने वांग के साथ वार्ता की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसी साल जून में चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह शंघाई कोऑपरेशन बैठक में शामिल हो सकते हैं।

 

Posted By: Bhupendra Singh