हैदराबाद, एजेंसी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (Telangana Chief Minister K Chandrasekhar Rao) ने सोमवार को केंद्र की राजग सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि वह संघीय मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है, राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है और शक्तियों का केंद्रीकरण भी कर रही है।

यहां ऐतिहासिक गोलकुंडा किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में केसीआर ने कहा कि देश के संविधान निर्माताओं ने एक संघीय ढांचा तैयार किया है क्योंकि वे चाहते थे कि केंद्र और राज्य मिलकर प्रगति की यात्रा का नेतृत्व करें।

'संघीय मूल्यों को चोट पहुंचा रही है केंद्र सरकार'

केसीआर ने कहा, 'दिल्ली में वर्तमान केंद्र सरकार संघीय मूल्यों को चोट पहुंचा रही है। केंद्र उन साजिशों में शामिल है जो राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर करते हैं, जैसे कि जिस शाखा पर बैठे हैं उसे काट रहे हैं।'

'राज्यों के हिस्से को कम कर अप्रत्यक्ष रूप से आय प्राप्त कर रही केंद्र'

केसीआर ने आरोप लगाया कि राज्यों को केंद्र द्वारा एकत्र किए गए करों के माध्यम से अर्जित राजस्व में 41 प्रतिशत हिस्सा मिलना है, लेकिन केंद्र सरकार राज्यों के हिस्से को कम करने के लिए करों के बजाय उपकर लगाकर अप्रत्यक्ष रूप से आय प्राप्त कर रही है।

'केंद्र राज्यों के साथ कर रहा अन्याय'

उन्होंने कहा कि इसके जरिए केंद्र 2022-23 में राज्यों की आय में 11.4 फीसदी की कमी कर रहा है। केंद्र केवल 29.6 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करके राज्यों के साथ अन्याय कर रहा है, जहां 41 प्रतिशत प्रदान किया जाना चाहिए था।

'शक्तियों के केंद्रीकरण में लिप्त है केंद्र'

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र अर्थव्यवस्था में राज्यों की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने वाले विभिन्न प्रतिबंध लगा रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार जो सहकारी संघवाद के आदर्शों की बात करती है, वह वास्तव में शक्तियों के केंद्रीकरण में लिप्त है। केंद्र बिना परामर्श के समवर्ती सूची में मुद्दों पर लिए गए राज्यों के फैसलों पर जोर दे रहा है।

'गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ डाल रहा केंद्र' 

केसीआर ने आरोप लगाया कि केंद्र दूध और कब्रिस्तानों के निर्माण सहित विभिन्न उत्पादों पर कर लगाकर गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी बोझ डाल रहा है। उन्होंने कहा, 'लोगों का कल्याण सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।'

'केंद्र के प्रबंधन में कमियों के कारण देश में महंगाई बढ़ रही है'

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र के प्रबंधन में कमियों के कारण देश की आर्थिक वृद्धि धीमी हो गई है, महंगाई बढ़ रही है, रुपये का मूल्य गिर रहा है और देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केंद्र में सत्ता में बैठे लोग अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लोगों को नफरत की राजनीति से बांटने की हथकंडे अपना रहे हैं।

विविधता में देश की एकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को चोट पहुंचाने के लिए 'संवैधानिक पदों पर बैठे लोग फासीवादी हमलों में लिप्त हैं।'

'तेलंगाना में विकास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहीं विनाशकारी ताकतें'

केसीआर ने आगे दावा किया कि विनाशकारी ताकतें तेलंगाना में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने और शांति और विकास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राज्य में 'गंगा जमुना तहजीब' (हिंदू-मुस्लिम संस्कृतियों का मेल) की रक्षा करे।

'तेलंगाना को विरासत में मिला कर्ज'

अपनी सरकार द्वारा भारी कर्ज लेने की आलोचना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज 2019-20 में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। तेलंगाना को राज्य के गठन के समय 2014 में 75,577 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया कर्ज 1.49 लाख करोड़ रुपये था जिसका इस्तेमाल परियोजनाओं के निर्माण और बुनियादी ढांचे के प्रावधान के लिए किया गया था।

'राज्य का राजस्व 62 हजार करोड़ से बढ़कर 1.84 लाख करोड़ पहुंचा'

राव ने कहा कि राज्य का राजस्व 2014-15 में 62,000 करोड़ रुपये था जो 2021 तक बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आठ साल की छोटी अवधि में एक शक्तिशाली आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरा।

Edited By: Achyut Kumar