नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74 वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देशवासियों को लाल किले से संबोधित किया। उन्होंने पहली बार राम मंदिर का जिक्र किया है। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण पर कहा कि 10 दिन पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था। रामजन्मभूमि मुद्दा जो सदियों से चला आ रहा है, शांति से हल हो गया है। देश के लोगों का आचरण अभूतपूर्व रहा है और ये भविष्य के लिए एक प्रेरणा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला रखी है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 5 शताब्दी के बाद संकल्प पूरा हो गया। प्रधानमंत्री जी ने लोकतांत्रिक तरीके से इसका समाधान निकाला।

राम मंदिर निर्माण के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि मेरा सौभाग्य है मुझे ट्रस्ट ने ऐतिहासिक पल के लिए आमंत्रित किया। मेरा आना स्वभाविक था। उन्होंने आगे कहा कि आज इतिहास रचा जा रहा है। आज पूरा भारत राममय है, हर मन दीपमय है। उन्होंने आगे कहा कि सदियों का इंतजार समाप्त हो रहा है। बरसों तक रामलला टेंट में रहे थे, लेकिन अब भव्य मंदिर बनेगा। बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर आठ महीने पहला फैसला आया था। अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ की अगुवाई तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा था कि राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था तर्पण भी था, संकल्प भी था और संघर्ष भी था। जिनके बलिदान, त्याग, और संघर्ष से आज ये सपना साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सब लोगों को आज नमन करता हूं, उनकी वंदन करता हूं।

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