राज्‍य ब्‍यूरो, जयपुर। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जयपुर में विपक्ष पर जमकर गरजे। उन्होंने कहा कि देश में यदि गठबंधन वाले दलों की सरकार बनी तो उसको लीडर नहीं बल्कि डीलर चलाएंगे। देश को डीलर वाली नहीं बल्कि मजबूत लीडर वाली सरकार चाहिए। ऐसी सरकार सिर्फ भाजपा की मोदी सरकार ही दे सकती है।

सोमवार को जयपुर आए शाह ने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और सीकर लोकसभा क्षेत्र के शक्ति केंद्र प्रमुखों के सम्मेलन के जरिये पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान और चुनावी तैयारियों की शुरुआत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस और महागठबंधन बनाने जा रहे दलों पर जमकर प्रहार किए।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद वाली भाजपा है और दूसरी तरफ सत्ता के लालची लोगों का गठबंधन। इस गठबंधन का न नेता है और न नीति है। ऐसा गठबंधन देश का भला नहीं कर सकता। चार पीढ़ी तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस बहुत बुरे हाल में देश को छोड़ कर गई थी। लोगों के पास सामान्य जनसुविधाएं भी नहीं थीं।

हमें पांच साल जनता के बीच काम करने का मौका मिला और हमने उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुद्रा बैंक लोन जैसी बड़ी योजनाएं देश को दीं। शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने देश में दस साल राज किया और साढ़े बारह लाख करोड़ रुपए के घोटाले किए, जबकि हमारी सरकार पर पांच साल में एक भी आरोप नहीं लगा है।

हार-जीत से फर्क नहीं पड़ता
शाह ने कहा कि राजस्थान में हमारी पार्टी चुनाव हार गई, लेकिन हम ऐसी पार्टी हैं, जिसे चुनाव में हार का कोई दुख नहीं होता। क्योंकि, हम सत्ता में लोगों की सेवा के लिए आते हैं। चुनाव में हार का दुख उन्हें होता है, जो सत्ता की मलाई खाना चाहते हैं। राजस्थान के कार्यकर्ता आने वाले चुनाव में यह साबित कर देंगे कि वे हार से निराश नहीं हैं और पार्टी एक बार फिर यहां लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतेगी।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
सम्मेलन में पुलवामा के आतंकी हमले का असर भी साफ नजर आया। शाह सहित सभी नेताओं ने आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को याद किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने कहा कि यह सम्मेलन संकल्प का सम्मेलन होना चाहिए। यह हम सबके लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लेने का समय है।

मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि हम इनके बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। इस घटना का माकूल जवाब दिया जाएगा। भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। इसके खिलाफ लड़ाई की जो इच्छाशक्ति हमारे प्रधानमंत्री में है, उतनी किसी नेता में नहीं है।