नई दिल्ली, पीटीआइ। असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से बाहर हुए लोगों के लिए बड़ी राहत मिली है। चुनाव आयोग ने इन लोगों को वोट करने का अधिकार दिया है। हालांकि NRC लिस्ट से बाहर रखे गए लोगों को वोट करने का अधिकार तभी तक होगा, जब तक नागरिक ट्रिब्यूनल उनके खिलाफ फैसला न सुना दे।

जनप्रतिनिधि अधिनियम के अनुसार, भारत में विदेशी व्यक्ति वोट नहीं कर सकता है। वहीं, अब चुनाव आयोग के अधिकारी ने गृह मंत्रालय द्वारा इस महीने की शुरुआत में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें कहा गया कि NRC लिस्ट से बाहर हुए लोग अन्य नागरिकों की तरह पहले के सभी अधिकारों का लाभ लेते रहेंगे।

19 लाख से ज्यादा लोगों को किया गया बाहर

असम में 31 अगस्त को NRC की फाइनल लिस्ट जारी की गई थी। NRC की लिस्ट से लगभग 19 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया है। असम में जिन लोगों के नाम NRC के फाइनल लिस्ट में नहीं शामिल है, वो इसके खिलाफ नागरिक ट्रिब्यूनल की ओर रूख किया है और उनके दावों पर सुनवाई चल रही है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असम में NRC को अपडेट करने की प्रक्रिया 2013 में में शुरू की गई थी और तब से शीर्ष अदालत ही पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रही है। चुनावी कानूनों के अनुसार, बिना नोटिस जारी किए मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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