नई दिल्ली, प्रेट्र। उन्मादी भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग) की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा था कि लोगों में यह संदेश जाना चाहिए कि ऐसी भीड़ का हिस्सा बनने पर उन पर कानून की सख्त मार पड़ेगी। गृह मंत्रालय ने राज्यों को ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने को भी कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र व राज्य सरकारों को रेडियो, टेलीविजन और मीडिया के अन्य माध्यमों से यह प्रचारित करना चाहिए कि किसी भी तरह की भीड़ की हिंसा पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। गृह मंत्रालय और राज्यों की पुलिस की वेबसाइट पर भी इस तरह के संदेश प्रसारित किए जाने चाहिए। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि राज्यों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हाल में एक एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने राज्यों को हर जिले में पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त करने और खुफिया जानकारियां जुटाने व सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन करने को कहा था। इसका उद्देश्य था कि किसी को भी बच्चा चोर होने या पशु तस्कर होने के संदेह में हमले का शिकार नहीं होना पड़े।

मंत्रालय ने यह भी कहा था कि यदि ऐसे मामलों को रोकने, इनकी जांच करने या इनके त्वरित निपटारे में कोई पुलिस अधिकारी या जिला प्रशासन अधिकारी विफल होता है, तो इसे लापरवाही का मामला माना जाएगा। ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों व डीजीपी को भेजी गई एडवाइजरी में मंत्रालय ने अफवाहों के कारण देश के कुछ हिस्सों में हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई थी।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस