जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तत्काल बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय राममंदिर निर्माण की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के गठन की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत गृह मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बारीकी से अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि ट्रस्ट का गठन फैसले के अनुरूप किया जा सके।

ट्रस्ट के गठन के लिए कानूनी पहलुओं पर विचार

मंत्रालय ट्रस्ट के गठन के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर भी विचार कर रहा है। वैसे अभी तक यह साफ नहीं है कि प्रस्तावित ट्रस्ट गृह मंत्रालय के मातहत काम करेगा और फिर उसे संस्कृति मंत्रालय के अधीन रखा जाएगा।

ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया जल्द होगी पूरी

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया जल्द-से-जल्द पूरी की जाएगी। शनिवार को फैसला आने और रविवार को छुट्टी के बाद सोमवार को पहली बार मंत्रालय पहुंचे अधिकारियों को तत्काल सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर काम शुरू करने को कह दिया गया।

अभी तक साफ नहीं ट्रस्टी बनाने की प्रक्रिया

वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिलहाल सबकुछ शुरूआती स्तर पर है, इसीलिए ट्रस्ट के स्वरूप और उसके कामकाज की बारिकियों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी तक यह भी साफ नहीं हुआ है कि ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाने की प्रक्रिया क्या होगी और उनका चयन कैसे किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रस्ट के गठन के लिए संसद से कानून बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 1993 में संसद से पारित अयोध्या जमीन अधिग्रहण कानून में पहले से ट्रस्ट बनाने का प्रावधान है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी के तहत ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है।

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