नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10.30 बजे अयोध्या विवाद पर दशकों से जारी अनिश्चितता के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगा। फैसले के बाद किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए देशभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। देश के कई राज्यों में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शातिं बनाए रखने की अपील की है।

यहां जाने अयोध्या केस से जुड़ी 10 प्रमुख बातें

1: शनिवार को सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट एतिहासिक फैसला सुनाएगा। 17 नवंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के रिटायरमेंट से पहले फैसला आ रहा है।

2: मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को 40 दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। बेंच के अन्य सदस्य जस्टिस एसए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नाजीर हैं।

3: इससे पहले शनिवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से इस संबंध में कानून-व्यवस्था पर चर्चा की थी। उत्तर प्रदेश में 12,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फैसले केबाद कोई हिंसा न हो।

4: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शनिवार से सोमवार तक राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशिक्षण केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है। इसी तरह के आदेश कर्नाटक, मध्य प्रदेश, जम्मू और दिल्ली में भी जारी किया गए है।

5: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की रात ट्वीट कर कहा, 'मैं राज्य में हर किसी से अपील करता हूं कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार राज्य में हर एक निवासी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भी व्यक्ति राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' ।

6: सरकार ने अयोध्या पर फैसले से पहले पांचों न्यायाधीशों की गई सुरक्षा बढ़ा दी है। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए लखनऊ और अयोध्या में दो हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

7: अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि पर हिंदू और मुस्लिम पक्ष द्वारा दावा किया गया है। हिंदू पक्ष जमीन पर भगवान राम का मंदिर बनाना चाहता हैं, तो वहीं मुस्लिम पक्ष का दावा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वहां कोई मंदिर मौजूद था।

8: 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया गया था, उनका मानना ​​था कि यहां पर भगवान राम की जन्मस्थली थी।

9: सितंबर 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला को बाराबर बांट दिया था। कोर्ट के फैसले ने नाखुश तीनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

10: फैसले के बाद किसी तरह की हिंसा न हो इसको सुनिश्चित करने के लिए आरएसएस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की।

Posted By: Manish Pandey

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