जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा दाखिल हलफनामे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने शरद यादव गुट को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि मुख्य याचिकाकर्ता शरद यादव का पक्ष आने के बाद ही इस मामले की सुनवाई की जाएगी।

शरद यादव ने अपनी राज्यसभा सदस्यता समाप्त करने को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य याचिका पर सुनवाई के आदेश दिए हैं। इसलिए पीठ आगामी 11 और 18 सितंबर को 45 मिनट तक दोनों का पक्ष सुनेगी। निर्धारित समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाए।

ज्ञात हो कि भाजपा से हाथ मिलाने के बाद नीतीश कुमार और शरद यादव के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता खत्म किए जाने को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। नीतीश कुमार गुट ने कहा था कि नई राजनीतिक पार्टी बनाने के बाद जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को राज्यसभा से अयोग्य ठहराए जाने का कदम उचित था। पीठ ने पूर्व में याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले का निपटारा होने तक शरद यादव को राज्यसभा सदस्य के तौर पर वेतन, भवन समेत अन्य सुविधाओं का लाभ लेने की छूट दी थी।

By Arun Kumar Singh