चंढीगड़, एएनआइ। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने रविवार को इमरान खान सरकार पर जमकर वार किया। पाकिस्तान सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर तीर्थयात्रियों से USD 20 (करीब 1420 रुपये) की सेवा शुल्क लेने की आलोचना की है। दरअसल, ये तीर्थयात्री करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का दौरा करेंगे जो नवंबर में तीर्थयात्रियों के लिए खोला जाएगा।

कौर ने वीडियो शेयर कही ये बात 

कौर ने अपने ट्वीटवर अकाउंट से एक वीडिया शेयर करते हुए लिखा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा लगाया गया शुल्क को नृशंस बताया। वीडियो में कौर कहती है कि ये पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अगर ये सोचते हैं कि सेवा शुल्क लगाने से उनकी अर्थव्यवस्था में उछाल आएगा तो ये बेहद ही शर्मनाक है। उन्होंने आगे पूछा की आखिर कैसे एक गरीब तीर्थयात्री इतना सेवा शुल्क कैसे देंगे। यह गलियारा करतारपुर में दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ेगा।

वीजा मुक्त सेवा

यह कॉरिडोर भारतीय तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा, जिन्हें सिर्फ करतारपुर साहिब जाने के लिए परमिट प्राप्त करना होगा। इसे वर्ष 1522 में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव द्वारा स्थापित किया गया था। पाकिस्तान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह गलियारा दो पड़ोसी देशों के बीच पहला वीजा-मुक्त गलियारा भी होगा।

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान ने गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती समारोह से पहले गलियारे के संचालन के लिए कई उच्च-स्तरीय बैठकें की थी। सेवा शुल्क लगाए जाने पर भारत ने कहा है कि सेवा शुल्क के मामले को छोड़कर अन्य सभी मुद्दों पर एक समझौता नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुआ है।

वहीं, रविवार को  गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब के दर्शनों के लिए शुरू होने वाली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया स्थगित कर दिया है। दरअसल, भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर अंतिम मसौदे पर सहमति नहीं, बनने के कारण ये ऐसा हुआ। 

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