बिजेंद्र बंसल, नई दिल्ली। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के यू-टर्न को लेकर गुर्जर महासभा राजनीतिक विश्लेषण करेगी। पायलट ने अपनी अनदेखी के चलते कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला था तो गुर्जर महासभा उनके साथ खड़ी दिखाई दी थी। गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र के गांव रिठोज में तो गुर्जरों की एक महापंचायत का आगाज 26 जुलाई को कर दिया गया था। हालांकि यह महापंचायत कोरोना संकट के चलते स्थगित कर दी गई थी।

गुर्जर महासभा सचिन पायलट को लेकर राजनीतिक विश्लेषण करेगी

महासभा के प्रवक्ता वीपी नागर बताते हैं कि महापंचायत टालने के लिए खुद सचिन पायलट की तरफ से आग्रह आया था। नागर के अनुसार सचिन की कांग्रेस हाईकमान से सीधे बातचीत हो गई है और अब उन्हें क्या आश्वासन मिला है, इसकी जानकारी तो उन्हें नहीं हैं मगर महासभा सचिन को लेकर राजनीतिक विश्लेषण करेगी।

महासभा के प्रवक्ता नागर ने कहा- सचिन देश में गुर्जरों के सबसे युवा नेता हैं

नागर का कहना है कि सचिन देश में गुर्जरों के सबसे युवा नेता हैं। सचिन पायलट के पिता स्वर्गीय राजेश पायलट भी समाज के बड़े नेता थे। इसलिए समाज सचिन के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। नागर यह भी मानते हैं कि जिस तेजी से भाजपा का ग्राफ बढ़ रहा है उसमें यदि कांग्रेस सचिन और उसके समाज का सम्मान बरकरार रखेगी तो फायदे में ही रहेगी।

राजस्थान प्रकरण पर सचिन पायलट के फैसले से भाजपा के गुर्जर नेताओं को काफी राहत

सचिन पायलट के ताजा फैसले से अब भाजपा के गुर्जर नेताओं को काफी राहत मिलेगी। राजस्थान प्रकरण पर हालांकि दिल्ली, हरियाणा खासतौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुर्जर नेताओं ने एकदम चुप्पी साध ली थी। इन नेताओं ने सचिन के फैसले को लेकर न तो तब कोई टिप्पणी की और न ही अब ये नेता कुछ बोल रहे हैं।

सचिन को लेकर भाजपा में गुर्जर नेता नहीं कर रहे हैं कोई टिप्पणी

हालांकि हरियाणा,दिल्ली और एनसीआर में अनेक बड़े भाजपा नेता मसलन केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, राज्यसभा के उपसभापति सुरेंद्र नागर, राजस्थान से भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया,दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी, हरियाणा में शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कभी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। हालांकि सचिन के भाजपा में आने की आहट मात्र से इन नेताओं में काफी बेचैनी थी।

हरियाणा के पूर्व मंत्री भड़ाना ने कहा था- सचिन को सोच समझकर फैसला लेना चाहिए था 

हरियाणा के पूर्व मंत्री करतार भड़ाना ने जरूर यह कहा था कि सचिन को सोच समझकर फैसला लेना चाहिए था क्योंकि उनके पास खोने को बहुत कुछ है और इससे समाज को नुकसान होगा। 

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