अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। गुजरात विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अल्पेश ठाकोर के वोट मांगने का तरीका चर्चा में है। प्रचार के दौरान अल्पेश कहते हैं कि कांग्रेस में वह राजा थे। देश में किसी को भी टिकट दिला सकते थे। चुनाव जीतकर वह मंत्री बनेंगे। अब उन्हें विधायक की तरह किसी काम के लिए निवेदन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि सीधे आदेश देंगे। उधर, कांग्रेस ने उन्हें सेवा की राजनीति के लिए ही अनुपयुक्त करार दे दिया है।

राधनपुर में प्रचार के दौरान अल्पेश ने कहा कि कांग्रेस में रहते उनके कहने पर गुजरात में कई नेताओं को टिकट दिए गए। लेकिन, अब कांग्रेस का महल खंडहर में तब्दील हो चुका है। उन्होंने शराबबंदी के मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को गुजरात की अस्मिता पर हमला बताया। गहलोत ने कहा था कि गुजरात में घर-घर में शराब पी जाती है। अल्पेश ने दावा किया कि उनके शराबबंदी आंदोलन के बाद प्रदेश में सख्ती बरती गई है।

कांग्रेस ने अल्पेश के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने अल्पेश के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि वह सेवा की राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अल्पेश जब कांग्रेस में राजा थे तो यहीं रहते। मोढवाडिया के अनुसार भाजपा किस तरह ऐसी मानसिकता के नेता को बर्दाश्त करती है, यह देखने वाली बात होगी।

21 अक्टूबर को डाले जाएंगे वोट

गुजरात की छह विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उप चुनाव में 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। राधनपुर से अल्पेश व बायड से भाजपा प्रत्याशी धवलसिंह झाला पहले इन्हीं सीटें से कांग्रेस विधायक थे।

प्रदेश कांग्रेस में हो सकता है बड़ा बदलाव

विधानसभा उपचुनाव भाजपा तथा कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सभी सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी संख्या बढ़ाना चाहते हैं तो कांग्रेस नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए दौड़धूप कर रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा, नेता विपक्ष परेश धनाणी व प्रदेश प्रभारी राजीव सातव को खुली छूट दे दी है। हालांकि, परिणाम अपेक्षित नहीं हुए तो प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव हो सकता है।

Posted By: Manish Pandey

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