बेंगलुरु (एएनआइ)। कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनाव आयोग भी कर्नाटक पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। जिसके तहत राज्य में जीपीएस लगी हुई कारों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जाएगा। चुनाव आयोग ने कारों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस उपकरणों को स्थापित किया है जो आगामी कर्नाटक चुनाव के लिए ड्यूटी पर भेजी जाएंगी।

राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इस उपाज को सुरक्षा के लिहाज से इस्तेमाल किया जाएगा। 12 मई, 2018 को कर्नाटक के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ चुनाव होगा। वोटों की गिनती और परिणाम की घोषणा 15 मई को होगी।

कर्नाटक मतदान की तारीख नहीं हुई लीक

बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत की घोषणा से पहले ही 27 मार्च को दो टीवी समाचार चैनलों द्वारा पहले ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख प्रसारित की गई थी। जिसके बाद विपक्ष ने कई सवाल खड़े किये थे। इसको लेकर चुनाव आयोग की ओर से एक समिति का गठन किया गया, जो यह पता लगाने के लिए बनाई गई कि चुनाव की तारीख लीक हुई थी या नहीं। शुक्रवार को यह कहा गया कि कर्नाटक में मतदान की तारीख लीक नहीं हुई थी।

समिति ने कहा कि कथित तौर पर चुनाव की तारीख की चर्चा एक अंग्रेजी समाचार चैनल पर सुबह की गई। जिसके बाद अन्य चैनलों पर भी यह दिखाया गया। भाजपा के आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से पहले ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया था, जिस पर विपक्षी दलों ने कई सवाल खड़े किए। दरअसल, अमित माल्वीय और चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव की तारीख एक थी, हालांकि काउंटिग की तारीख दोनों की अलग थी।

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