जागरण संवाददाता, कोलकाता। मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने किसी भी अपराध के आरोपितों के एनकाउंटर को गलत ठहराया है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आरोपितों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाना चाहिए और अदालत से उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

राज्यपाल ने हैदराबाद एनकाउंटर को गलत ठहराया

गौरतलब है कि तथागत रॉय का यह बयान हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के आरोपितों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सामने आया है।

मुठभेड़ या कंगारू कोर्ट आपराधिक न्याय के निपटारे करने की प्रक्रिया नहीं हो सकती

उन्होंने कहा कि मैं कभी भी यह स्वीकार नहीं कर सकता कि मुठभेड़ या कंगारू कोर्ट आपराधिक न्याय के निपटारे में मानक संचालन प्रक्रिया हो सकती हैं। इस तरह के एनकाउंटर को सजा देने का तरीका नहीं बनाया जाना चाहिए। आरोपितों को पकड़कर उन्हें अदालत से सजा दिलाई जानी चाहिए।

हैदराबाद के चारों दरिंदों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था

गौरतलब है कि गत 27 नवंबर को महिला पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी। महिला चिकित्सक का जला हुआ शव बरामद हुआ था। इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में पुलिस ने बताया कि चारों आरोपित मुठभेड़ मारे गए।

नौ साल बाद हत्या के आरोप पत्र में आया मुकुल रॉय का नाम

बंगाल स्थित बीरभूम के लाभपुर में 2010 में हुई तीन भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को बोलपुर कोर्ट में पूरक चार्जशीट पेश की। इसमें विधायक मनीरुल इस्लाम और भाजपा नेता मुकुल रॉय समेत कुल 23 लोगों के नाम शामिल हैं। हाई कोर्ट ने जिला पुलिस को तीन माह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

हाई कोर्ट के निर्देश पर पुलिस जांच

हाई कोर्ट के निर्देश पर दोबारा 16 नवंबर, 2019 से मामले की जांच में जुटी जिला पुलिस ने चार्जशीट में भाजपा नेता मुकुल रॉय व विधायक मनीरुल इस्लाम का नाम इसमें जोड़ा है। हालांकि, मामले में मुकुल का नाम सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। साथ ही राज्य सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप लग रहा है।

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस