नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय राजनीति के लिए पिछला एक वर्ष काफी नुकसानदायक रहा है। इस दौरान देश ने 14 दिग्गज नेताओं को खो दिया। इनमें से सात की मौत इस साल 20 जुलाई के बाद हुई है, जिसमें से चार का निधन इसी माह में हुआ है। इस दौरान सबसे ज्यादा क्षति भाजपा को हुई है। पार्टी ने सालभर में अटल जी , सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत कई बड़े नेताओं को खो दिया है। इनमें से चार चेहरे तो ऐसे थे जो पिछली मोदी सरकार के कैबिनेट में रहे। आइए नजर डालते हैं पिछले एक वर्ष में दुनिया को अलविदा कह गए भारतीय राजनीति के इन  अमनोल रत्नों पर।

अरुण जेटली
पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद 24 अगस्त 2019 को  नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे और पिछले कई हफ्तों से उनका इलाज चल रहा था । उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

 

जगन्नाथ मिश्र 

बिहार के पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय मंत्री जगन्नाथ मिश्रा का दिल्ली के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद 19 अगस्त, 2019 को उनका निधन हो गया। उनकी उम्र 82 साल थी। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। 

बाबू लाल गौर
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का लंबे समय तक बीमार रहने के बाद 21 अगस्त, 2019 को भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। भाजपा नेता का 89 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया।

सुषमा स्वराज 

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 6 अगस्त, 2019 को 67 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया। उन्हें भी स्वास्थ्य में गिरावट के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। सुषमा स्वराज सबसे पसंदीदा नेताओं में से एक थीं। उनके लिए दुनिया भर के लगभग 50 देशों के राजनयिकों ने शोक संदेश लिखे थे। उनकी मृत्यु हमारे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति थी।

जयपाल रेड्डी 
जयपाल रेड्डी कांग्रेस के नेता थे, जो पांच बार लोकसभा के सदस्य रहे। वह केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। 28 जुलाई, 2019 को 77 साल की उम्र में हैदराबाद में उनका निधन हो गया। 

 

मांगेराम गर्ग 
भाजपा के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष और विधायक मांगेराम गर्ग का 21 जुलाई, 2019 को निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। मांगेराम  लगातार पांच सालों तक वर्ष 1997 से 2002 तक प्रदेश के अध्यक्ष रहे। जबकि वर्ष 2003 से 2008 तक वे दिल्ली विधानसभा के सदस्य रहे।

शीला दीक्षित
20 जुलाई, 2019 को हार्ट अटैक से दिल्ली की तीन बार की मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शीला के नाम लगातार 15 वर्षों तक दिल्ली के सीएम रहने की उपलब्धि शामिल है। वो वर्ष 1998 से लेकर 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। 

 

मदन लाल सैनी 
राजस्थान  में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मदनलाल सैनी का 75 साल की उम्र में 24 जून 2019 को निधन हो गया था। सैनी जनसंघ के समय से राजनीति में सक्रिय थे। वे लंबे समय तक भारतीय मजदूर संघ से भी जुड़े रहे हैं।

 

मनोहर पर्रिकर 

पूर्व रक्षा मंत्री, गोवा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर 17 मार्च, 2019 को दुनिया छोड़कर चले गए। वह लंबे समय से अग्नाशय के कैंसरे से पीड़ित थे। पर्रिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे।  मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में मनोहर पर्रिकर ने देश के रक्षा मंत्री की भूमिका निभाई।

 

अनंत कुमार 
पूर्व केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री और भाजपा नेता अनंत कुमार का 59 वर्ष की आयु में 12 नवंबर, 2018 को बेंगलुरु के एक अस्पताल में निधन हो गया। अनंत कुमार को फेफड़ों का कैंसर था। उनका इलाज लंदन और न्यूयार्क में भी हुआ था। 

 

मदन लाल खुराना 

दिल्ली के पूर्व सीएम और वरिष्ठ भाजपा नेता मदन लाल खुराना का 28 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह कुछ दिनों से सीने में संक्रमण और बुखार से पीड़ित थे। वे 1993 से 1996 तक दिल्ली के सीएम के रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में संसदीय कार्य और पर्यटन मंत्री भी रहे।

 

अटल बिहारी वाजपेयी 
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पिछले साल 16 अगस्त को लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। वह 93 वर्ष के थे। उन्होंने साल 2004 में राजनीति से संन्यास ले लिया था और साल 2015 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने, लेकिन एक बार ही 5 साल का कार्यकाल पूरा कर सके। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया।

 

सोमनाथ चटर्जी 
लोकसभा के 10 बार के सांसद, सोमनाथ चटर्जी का 13 अगस्त, 2018 को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।  दमा और सुगर की वजह से पिछले तीन वर्षों से स्वास्थ्य खराब था। वह 2004 से 2009 तक लोकसभा के स्पीकर थे।

 

एम करुणानिधि  
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का 8 अगस्त, 2018 को निधन हो गया। वह एक मजबूत भारतीय राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने छह दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति में अपना दबदबा कायम रखा। वह 94 साल के थे और 5 बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे।

Posted By: Tanisk

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