तिरुअनंतपुरम, आइएएनएस। केरल सचिवालय में लगी आग का मामला गरमाने लगा है। विपक्षी दल सोना तस्करी के मामले को छिपाने के लिए इस अग्निकांड को सुनियोजित ढंग से अंजाम देने का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके विश्वास पात्र की यात्रा से संबंधित फाइलें यहीं रखी गई थीं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कहीं सोना तस्करी सेजुड़े हाई प्रोफाइल नेताओं और उनके करीबी अफसरों को बचाने के लिए आग लगने की घटना को साजिशन अंजाम तो नहीं दिया गया।

राज्यपाल ने कांग्रेस का पत्र मुख्यमंत्री के पास भेजा, उपयुक्त कार्रवाई करने का दिया निर्देश

इस बीच केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान ने नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नितला का पत्र मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अग्रसारित कर दिया। पत्र में राज्य सचिवालय के महत्वपूर्ण विभाग में लगी आग पर चिंता जताई गई है। राज्यपाल ने पत्र पर उपयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

सचिवालय के सामान्य प्रशासन विभाग में आग लगने के बाद मंगलवार रात चेन्नितला ने वहां का निरीक्षण किया था। बाद में विधायकों के एक दल के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर घटना पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने इस घटना को विजयन, उनके अपदस्थ प्रिसिंपल सचिव एम. शिवशंकर और सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार स्वप्ना सुरेश की विभिन्न विदेश यात्राओं से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज नष्ट करने की साजिश करार दिया था। चेन्नितला ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

गौरतलब है कि बुधवार को इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को पानी की बौछार के साथ ही आंसू गैस का भी सहारा लेना पड़ा था।

एनआइ से कराई जाए जांच

कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने गुरुवार को भी मुख्यमंत्री विजयन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बात में कहीं से भी संदेह नहीं है कि सुबूत नष्ट करने के लिए आग लगाई गई। इस बहाने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हटा दिए गए। मुख्य सचिव द्वारा कराई जा रही जांच का कोई मतलब नहीं है। इसकी जांच एनआइए से जांच कराई जानी चाहिए।

यह है मामला

पांच जुलाई को तिरुअनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने गुप्त सूचना पर यूएई से आए 'राजनयिक सामान' से भरे एक बड़े पैकेट को पकड़ा। विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने पर इसे खोला गया। सभी के कान तब खड़े हो गए, जब अन्य सामान के साथ इसमें से 30 किलोग्राम सोना मिला।

खुद को वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी बताकर इसे लेने आए व्यक्ति सरित कुमार को कस्टम विभाग ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि लगभग एक साल पहले तक वह वाणिज्य दूतावास में बतौर जनसंपर्क अधिकारी काम करता था, लेकिन अब वह दूतावास का कर्मचारी नहीं है। वह दुबई में भी काम कर चुका है। उसने बताया था कि उसकी एक सहयोगी स्वप्ना सुरेश केरल सरकार के आइटी विभाग की कर्मचारी है।

 

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