मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, जेएनएन। सुषमा स्वराज कैसी मंत्री थी? इस सवाल का जवाब शायद आप भी वैसे ही दें जैसे देश-विदेश तक के नेता दे रहे हैं। इसमें किसी को कोई शक नहीं होगा कि सुषमा स्वराज एक श्रेष्ठ वक्ता और उत्कृष्ठ नेतृत्व क्षमता की धनी थी। इसी ने उन्हें सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि, विदेश में भी अलग पहचान दिलाई। आपको बता दें कि भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। 

विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाया वास्तव में वह एक मिसाल है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विदेश में फंसे कई लोगों की मदद की। सुषमा का कार्य कुछ ऐसा था कि उनके विरोधी भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाते थे। सुषमा ने ट्विटर को अपना हथियार बनाते हुए कई भारतीयों को उनके परिवार से मिलवाया। सुषमा स्वराज हमेशा ही आम लोगों की मदद के लिए एक्टिव रहती थीं। यहीं वजह है कि आज उन्हें देश का हर एक नागरिक याद कर रहा है। आइए, आपको कुछ ऐसे मौके याद दिलाते हैं, जब सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री रहते हुए आम लोगों की मदद की। ये घटनाएं हमेशा सुषमा स्वराज को लोगों के दिलों में जिंदा रखेंगी।

1- थाईलैंड में करुणा रघुवंशी नाम की एक महिला ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि मैं करबी में फंसी हुई हूं मुझे आपकी मदद की जरुरत है। मेरे साथ मेरे पति, मेरा दोस्त उसकी पत्नी और एक तीन साल का बच्चा है। हमारे ऊपर यहां के स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया है। हमें यहां से निकलने के लिए आपकी मदद चाहिए। जवाब में सुषमा स्वराज ने तुरंत इस ट्वीट पर एक्शन लेते हुए इस परिवार को वहां से निकाला।

 

2- दर्शन नाम के एक व्यक्ति ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए लिखा था कि वह अमेरिका में है और उसने भारत में आने से पहले आयरिश वीजा के लिए आवेदन किया था। आयरिश एंबेसी ने अभी तक मेरा पासपोर्ट  वापस नहीं किया है और वह किसी तरह का कोई संपर्क नहीं कर रहे हैं। मेरी मदद करें मुझे डर लग रहा है। विदेश मंत्री रहते सुषमा स्वराज ने इस पर संज्ञान लियाऔर वहां स्थित भारतीय दूतावास से इस शख्स की मदद करने के लिए कहा। 

 

3- एक बार एक शख्स ने ट्वीट किया कि पैसों की कमी के चलते दो भारतीयों के शव भारत नहीं आ पा रहे हैं। सुषमा स्वराज ने तुरंत ही इस पर एक्शन लिया और दोनों भारतीयों के शवों को स्‍वदेश वापस लाने में मदद की। 

4- जर्मनी में एक महिला के कागजात और पैसे खो गए थे। जिस कारण वह वहीं फंस गई थी। उसने भी मदद मांगते हुए सुषमा स्वराज को ट्वीट किया और जवाब में उसे तुरंत मदद पहुंचाई गई। महिला ने वापस भारत लौटते हुए सुषमा स्वराज को धन्यवाद किया। 

5- भारत में विदेशियों के लिए भी बढ़ाए मदद के हाथ

सुषमा स्वराज ने सिर्फ भारतीयों की ही नहीं बल्कि विदेशियों की भी खूब मदद की। जर्मनी की महिला फ्राइडेरिके इरिना उन्‍हीं में से एक हैं। बता दें कि इरिना को गायों की मदद करने के लिए भारत ने पद्म श्री सम्मान दिया था। इरिना ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत उसके वीजा की समय सीमा नहीं बढ़ा रहा है, इसलिए वह अपना पुरस्कार वापस कर देगी। इस पर भी सुषमा ने संज्ञान में लेते हुए महिला की मदद की थी। 

6- डेनमार्क की सुजेन लुकानो की बहन ऋषिकेश में गायब हो गई थी और सुषमा की पहल पर युवती को ढूंढ लिया गया।

7- कैप्टन निखिल महाजन के भाई कैप्टन तुषार महाजन के निधन पर भी सुषमा ने निखिल की मदद की और उन्हें सुरक्षित भारत लाने में मदद की।

8-  यमन में फंसे 4741 भारतीय और 1947 विदेशी नागरिकों को ऑपरेशन राहत चलाकर बचाया गया। उस समय चलाया गया यह सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इस दौरान करीब सात हजार लोगों को हवाई और समुद्री मार्ग से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।  

9-  दक्षिण अफ्रीका के एक घर में भारतीय मूल की एक लड़की को कैद करके रखा गया था, इतना ही नहीं उसके साथ मारपीट होने की आशंका जाहिर करते हुए गोपाल केशरी ने एक ट्वीट किया। इस पर सुषमा स्वराज ने तुरंत एक्शन लिया और लड़की को बचाकर सुरक्षित वापस लाया गया।

 

10- देव तंबोली नाम के एक शख्स ने ट्वीट करके यूएई में तस्करों से उनकी बहन को छुड़ाने के लिए मदद मांगी और सुषमा ने तुरंत मदद पहुंचाई।

  

11- प्रांशू सिंघल नाम के एक व्यक्ति ने सुषमा को टैग करते हुए एक ट्वीट किया कि दोहा एयरपोर्ट पर फंसे उनके भाई को बचा लें, तुरंत ही सुषमा ने सिघल के भाई को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी।

12- सुषमा स्वराज ने युद्धग्रस्त इराक में फंसे 168 लोगों को बचाया था। दरअसल इसके लिए उन्होंने ट्विटर पर मौजूद  एक वीडियो देखने के बाद एक्शन लिया था, जिसमें उन्हें टैग किया गया था।

13- मैं भारत के पंजाब से हूं और अब मलेशिया में हूं। यहां  मेरा एक मित्र है जो मानसिक रुप से बीमार है। मैं उसे भारत वापस भेजना चाहता हूं। लेकिन यहां यह लोग कह रहे है कि हम आपकी मदद नहीं कर सकते। इसके जवाब में सुषमा स्‍वराज ने जवाब दिया था कि वह पहले अपने मित्र का इलाज कराए उसके बाद ही आपके मित्र का भारत वापस भेजा जाएगा। 

14- श्रीलंका के कोलोंबो में हुए बम धमाकों के वक्त भी सुषमा स्वराज ने वहां मौजूद लोगों की काफी मदद की थी। 

15- सुषमा स्वराज से एक व्यक्ति ने ये कहते हुए मदद मांगी की वह मंगल पर फंस गया है उसकी मदद करे तब सुषमा ने जवाब देते हुए कहा था कि अगर आप मार्स पर भी फंस जाएंगे तो भी भारतीय दूतावास आपकी वहां भी मदद करने के लिए तैयार रहेगा। 

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Posted By: Ayushi Tyagi

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