नई दिल्ली, एएनआइ। पंजाब और हरियाणा से किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए दिल्ली कूच कर गए हैं। इन किसानों को अन्य राज्यों के कुछ किसानों का भी साथ मिल रहा है। इनमें उत्तरप्रदेश प्रमुख है। किसान का कहना है कि वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानूनों का बचाव किया और कहा कि विपक्ष किसानों में गलतफहमी फैला रहा है। इस बीच मंगलवार को किसान संगठन केंद्र के साथ बातचीत के लिए विज्ञान भवन पहुंचे हैं। सरकार की तरफ से उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था। सरकार और किसानों के संगठन के बीच बैठक जारी है। इस बैठक की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन सामने आई तस्वीरों में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल किसान नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली के किसानों से बात शाम 7 बजे

नरेश टिकैत (बीकेयू अध्यक्ष) ने गाजीपुर-गाजियाबाद (दिल्ली-यूपी) सीमा पर मीडिया से बात करते हुए कहा, 'सरकार ने दोपहर 3 बजे पंजाब प्रतिनिधिमंडल को बुलाया। बाद में, सरकार आज शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी। हम सभी मामले पर अंतिम निर्णय चाहते हैं।'

बैठक में शामिल होने जा रहे केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि सोम प्रकाश जी, पीयूष गोयल जी और मैं खुद इस बैठक में उपस्थित रहूंगा। जो विकल्प हम उन्हें पेश करेंगे, वे किसानों की मांगों पर निर्भर करेंगे जो वे सामने रखते हैं।

500 से अधिक समूह, लेकिन 32 समूहों को बातचीत का न्योता

पंजाब किसान यूनियन के स्टेट प्रेसीडेंट आरएम मंशा ने कहा कि वो सरकार के साथ 3 बजे होने वाली मीटिंग में हिस्सा लेंगे। वो इस मीटिंग में हिस्सा लेकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, पंजाब किसान संघर्ष समिति के संयुक्त सचिव ने बताया कि देश में किसानों के 500 से अधिक समूह हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने केवल 32 समूहों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया है। हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता है।

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