रायपुर/भोपाल, जेएनएन। कांग्रेस की जिस घोषणा ने चुनाव नतीजों पर सबसे ज्यादा असर डाला वह किसानों की कर्जमाफी है। पार्टी की विजय के साथ ही किसान संगठन दिन गिनने लगे हैं। कांग्रेस ने सरकार के गठन के दस दिन में कर्ज माफ करने की बात कही है, जबकि गिनती उसी दिन से हो रही है जिस दिन नतीजे घोषित किए गए थे।

इधर, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चयन में देर होती जा रही है और उधर सोशल मीडिया में लगातार तीन दिन हो गए, चार दिन हो गए चल रहा है। ऐसे में इस घोषणा को तुरंत पूरा करने का सरकार पर बेहद दबाव होगा। उधर, मध्य प्रदेश में भी कर्जमाफी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, भाजपा ने तो वादा पूरा नहीं करने पर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने की भी धमकी दे डाली है।

छत्तीसगढ़....शासन के पास कर्ज के आंकड़े ही नहीं

कांग्रेस की सरकार बनने से पहले ही किसानों की कर्जमाफी की तैयारी चल तो रही है, लेकिन तीन दिन बाद भी शासन के पास कर्ज के आंकड़े नहीं हैं। राज्य शासन ने बैंकों को निर्देश दिया है कि 17 दिसंबर तक हर हाल में आंकड़े उपलब्ध करा दिए जाएं। मुख्यमंत्री के नाम का एलान होते ही शपथ ग्रहण होना है। इसके बाद कैबिनेट की बैठक होगी। कांग्रेस ने सरकार के गठन के दस दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया है। यह तभी हो पाएगा जब पहली कैबिनेट में किसानों के कर्ज की फाइल रखी जा सकेगी। इसे देखते हुए राज्य के सहकारिता विभाग ने बुधवार को ही संचालक संस्थागत वित्त, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के प्रबंध संचालक और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को परिपत्र जारी कर किसानों के कर्ज की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था।

बैंकों से 30 नवंबर तक की स्थिति में किसानों के कर्ज का ब्योरा मांगा गया है। शासन ने लौटती डाक से हिसाब भेजने को कहा था, लेकिन शुक्रवार तक किसी भी बैंक से जानकारी नहीं भेजी जा सकी थी। सहकारिता विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने बताया कि तैयारी चल रही है। अभी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर तक सभी बैंकों से जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद कर्जमाफी का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 20 दिसंबर से पहले कर्जमाफी का एलान हो जाएगा। 

‘कांग्रेस ने वचन नहीं निभाया तो प्रखर आंदोलन होगा’

उधर, मध्य प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस को धमकी दी है कि अगर कांग्रेस ने वचन नहीं निभाया तो प्रखर आंदोलन होगा। उन्होंने कमलनाथ को बधाई देते हुए कहा कि वे प्रदेश का विकास करें, हम पूरा सहयोग करेंगे। पहले दिन से गालियां भी नहीं देंगे पर वचन पत्र के वादे नहीं निभाए तो भाजपा प्रखर आंदोलन करेगी। हम अब चौकीदार की भूमिका में हैं। चौहान शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कमलनाथ के शपथ लेने के बाद वे उनसे मिलेंगे और धान खरीदी में किसानों को हो रही परेशानी दूर करने व भाजपा सरकार की जनहितैषी योजनाएं जारी रखने का आग्रह भी करेंगे। भ्रष्टाचार की जांच के लिए जनआयोग बनाने और आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने संबंधी एक सवाल के जवाब में चौहान ने कहा कि कांग्रेस जो भी करे, उसका स्वागत करेंगे।

विधानसभा चुनाव में मिली पराजय पर चौहान ने एक बार फिर जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि अभी हार के कारणों के बारे में पूरी तरह कुछ कहा नहीं जा सकता पर कर्जमाफी का भी कहीं-कहीं असर रहा। 10 साल पहले 2008 के चुनाव में हमें 38 फीसद वोट मिले पर 143 सीटें मिलीं। इस बार 41 फीसद वोट मिले पर सीटें 109 मिलीं।

MP किसान कर्जमाफी: जानिए, कितने किसानों को होगा फायदा

  • कर्ज माफी जून 2009 के बाद के कर्जदार किसानों की होगी। इसमें लगभग 33 लाख किसानों को फायदा होगा।
  • बताया जा रहा है कि इससे लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार सरकार पर आएगा।
  • प्रदेश के किसानों पर सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है।
  • इसमें 56 हजार करोड़ रुपये का कर्ज 41 लाख किसानों ने लिया है।
  • वहीं, लगभग 15 हजार करोड़ रुपये डूबत कर्ज (एनपीए) है।
  • कर्ज माफी के लिए फिलहाल जिस फॉर्मूले पर मंथन हो रहा है, उसमें डूबत कर्ज को माफ करने के साथ नियमित कर्ज पर लगभग 25 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सिर्फ खेती के लिए लिया कर्ज होगा माफ

  • किसानों द्वारा ट्रैक्टर व कुआं सहित अन्य उपकरणों के लिए कर्ज लिया गया है तो उसे कर्ज माफी के दायरे में नहीं लिया जाएगा।
  • सिर्फ खेती के लिए उठाए कर्ज पर माफी मिलेगी।
  • इसमें भी यदि किसान ने दो या तीन बैंक से कर्ज ले रखा है तो सिर्फ सहकारी बैंक का कर्ज माफ होगा।
  • कर्ज माफी कुल दो लाख रुपये तक ही होगी।
  • इसके लिए पहले किसान को कालातीत बकाया राशि बैंक को वापस लौटानी होगी।
  • हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री बनने और उनके साथ होने वाली बैठक में होगा। 

कमलनाथ 17 को लेंगे मप्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ
बता दें कि कमलनाथ को मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। वह 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह जंबूरी मैदान पर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ कुछ विधायकों के भी मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। कमलनाथ ने कहा है कि उनकी टीम ऐसी होगी, जो मप्र को नई दिशा देगी।

कमलनाथ स्वयं विशिष्ट अतिथियों को आने का न्यौता दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी बात पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्री से हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ उद्योग जगत की बड़ी हस्तियां को भी कमलनाथ आमंत्रित कर रहे हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को समारोह में आने का आमंत्रण कमलनाथ स्वयं देने की बात कह चुके हैं। वहीं, चौहान ने भी कहा है कि सम्मानपूर्वक आमंत्रित करते हैं तो मैं जरूर जाऊंगा।

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Posted By: Nancy Bajpai

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