नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत के लिए लोकतंत्र कोई विकल्प नहीं है, बल्कि एक जीवन शैली है। भारत का जैसे-जैसे विकास होगा, उसकी क्षमताएं बढ़ेंगी, स्वाभाविक रूप से वह दुनिया के लिए अधिक योगदान करेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आजाद भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत और अधिक लोकतांत्रिक होता जाएगा, लोकतंत्र भी अपनी संवेदनशीलता और बनावट दोनों में और अधिक भारतीय होता जाएगा।

 भारत के लिए लोकतंत्र कोई विकल्प नहीं था

'अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस' पर बुधवार को आयोजित इस वेबिनार में जयशंकर ने कहा, 'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लोकतंत्र का अंतरराष्ट्रीय दिवस बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। भारत के लिए लोकतंत्र कोई विकल्प नहीं था, जिसे हमने 1947 में चुना था, बल्कि उससे बहुत पहले से उसके लिए यह जीवन जीने का एक तरीका था। कुछ समाज अनेकवाद से इसकी तुलना कर सकते हैं जो हमारी ऐतिहासिक विशेषता रही है।'

शौचालय निर्माण से लेकर बैंक खाते खुलवाने तक लोकतांत्रिक उद्देश्यों को साकार कर रहे

विदेश मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल डिलीवरी के बिना अधूरा नहीं है, यह इसकी विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि चाहे वह शौचालय, बिजली और पानी पहुंचाना हो या बैंक खाता खुलवाना, लोकतांत्रिक साधन अब लोकतांत्रिक उद्देश्यों को साकार कर रहे हैं। मतदान की समानता का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा, 'वोट की समानता खासतौर पर मानवीय गरिमा की समानता के साथ सह-अस्तित्व में होनी चाहिए। दोनों एक दूसरे की पूरक हैं।' उन्होंने कहा कि इस ढांचे पर रखकर देखा जाए तो भारत की उपलब्धियां उसकी लोकतांत्रिक साख को सही साबित कर रही हैं।

 

Edited By: Arun Kumar Singh