नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में कुछ राज्‍यों में बेहद दिलचस्‍प मुकाबला देखने को मिला। इनमें उत्तर प्रदेश जहां पर विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई शामिल है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल जहां पर सत्‍ता पर काबिज टीएमसी या यूं कहें कि ममता बनर्जी से भाजपा की सीधी टक्‍कर थी। यहां पर सभी सातों चरणों में मतदान हुआ था। इस दौरान यहां पर हिंसा भी देखने को मिली। इसको कहा जा सकता है कि जिस तरह से सीपीएम के दौर मे राज्‍य में चुनावी हिंसा होती थी, ठीक उसी तर्ज पर इस बार भी यहां पर हिंसा का दौर चला।

पश्चिम बंगाल की बात चली है तो आपको ये भी बता दे कि इस लोकसभा चुनाव में राज्‍य की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को खूब खरी-खोटी सुनाई। इतना ही नहीं उन्‍होंने पीएम को उठक बैठक करवाने तक की बात कही थी। इस तरह के विवादित बयानों ने इस लोकसभा चुनाव को और अधिक दिलचस्‍प बना दिया। इसके अलावा जहां केंद्र के निशाने पर राज्‍य के अधिकारी रहे तो वहीं ममता के निशाने पर सीधे पीएम मोदी ही दिखाई दिए।

चुनाव के दौरान आए चक्रवाती तुफान के दौरान ममता ने पीएम से मुलाकात तो दूर बात करने तक से इनकार कर दिया। इस पूरे चुनाव में ममता केंद्र की भाजपा सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने की बयान कहती दिखाई दीं। उन्‍हें पूरा भरोसा है कि राज्‍य में लोग कमल का साथ कभी नहीं देंगे। लेकिन, रविवार को आए एग्जिट पोल ने राज्‍य में जिस तरह से भाजपा को फायदा मिलते दिखाया है वह कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

आज तक और एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार बंगाल में भाजपा को 19 से 23 सीटें मिल सकती हैं। एग्जिट पोल के ये नतीजे इस लिए भी चौकाने वाले हो सकते हैं क्‍योंकि दीदी के लिए पश्चिम बंगाल गढ़ बन गया है। राज्‍य की कम्‍यूनिस्‍ट सरकार को हटाकर उन्‍होंने जो सबसे बड़ा उलटफेर किया था अब वही उलटफेर भाजपा करती हुई दिखाई दे रही है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां पर टीएमसी ने 34 सीटें जीती थीं। इस बार एग्जिट पोल की बात करें तो सीपीएम को विभिन्‍न सर्वों में महज एक से दो सीटें दी गई हैं। एग्जिट पोल की मानें तो यहां पर भाजपा का वोट शेयर भी बढ़ा है जबकि टीएमसी का वोट शेयर पहले की ही तरह दिखाई दे रहा है।

फिलहाल सभी विपक्षी पार्टियां एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करने में लगी हुई हैं। लेकिन 23 मई को आने वाले चुनाव परिणाम इस पार्टियों की कश्‍मकश को जरूर दूर कर देंगे। एग्जिट पोल की मानें तो यूपी जहां पर पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए की झोली में 73 सीट गई थीं इस बार यहां पर पार्टी को जरूर झटका मिलता दिखाई दे रहा है। लेकिन इस नुकसान की पूर्ति वह दूसरे राज्‍यों में करती हुई साफ दिखाई दे रही है। लोकसभा चुनाव परिणाम के नतीजे कहीं न कहीं पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के लिए खतरे का संकेत हो सकती है।

जानें अमेरिका की आंखों में क्‍यों खटक रहा है वियतनाम स्थित उत्तर कोरिया का ये रेस्‍तरां

 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Kamal Verma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस