गंगटोक,एएनआइ। पूर्वोत्तर राज्य सिक्कम में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विधायक मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव राम माधव की मौजूदगी में उन सभी विधायकों ने भाजपा का दामन थामा। 

बता दें कि इस साल मई तक राज्य में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) ही सत्ता में थी। पार्टी के पिछले 25 वर्ष के शासनकाल में पवन चामलिंग ने ही मुख्यमंत्री पद संभाले रखा था। इसी के साथ वह देश के उन मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए, जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर विराजमान रहे हैं। गौरतलब है कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्य में विधानसभा चुनाव कराए गए थे। 32 सीटों वाले राज्य में पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी।

पवन चामलिंग ने 1993 में एसडीएफ का गठन किया था। पार्टी ने उसके बाद से हुए सभी पांच विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 1994, 1999, 2004, 2009, 2014 के विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई।  इस साल हुए चुनावों में एसडीएफ को हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि 2013 में प्रेम कुमार तमांग ने एसडीएफ से बगावत करके सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा का गठन किया था। प्रेम कुमार तमांग फिलहाल राज्य के मुख्यमंत्री हैं।  सिक्किम की एकमात्र लोकसभा सीट पर भी एसकेएम का ही कब्जा है। 

गौरतलब है कि इससे पहले गोवा कांग्रेस के 10 विधायकों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का हाथ थामा लिया था। जिस वक्त कर्नाटक कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर की सरकार गिरने के करीब थी, उसी वक्त कांग्रेस के 10 विधायक एक साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। 

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Posted By: Ayushi Tyagi