मुंबई, जागरण डिजिटल डेस्‍क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कैबिनेट विस्तार को लेकर चल रही कयासबाजी के बीच यह खबर आई कि वह 15 अगस्त से पहले अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। इस दौरान ये भी अटकलें लगाई गईं कि सरकार का गठन सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई की वजह से अटका हुआ है। हालांकि उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। रविवार को दिल्ली आए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कैबिनेट विस्तार के बीच कोई ताल्लुकात नहीं है।

कैबिनेट में 15 मंत्रियों को मिल सकती है जगह

महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट के विस्तार को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें 15 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। बताया जा रहा है इसमें उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह विभाग संभालने की जिम्मेदारी मिल सकती है। गौरतलब है कि 30 जून को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ लेने के बाद से मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो सका है। यह विपक्ष के लिए एक मुद्दा बना हुआ है।

अजीत पवार ने साधा निशाना

राकांपा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि शिंदे और फडणवीस को क्रमशः मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिए लगभग 35 दिन से अधिक समय हो गए हैं। लेकिन मंत्रिमंडल का गठन अभी तक नहीं हो पाया है।

फडणवीस ने पवार को जवाब में कही ये बात

देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि अजित पवार विपक्ष के नेता हैं। वह तो ऐसी बातें कहेंगे ही। उनके पास आलोचना करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। लेकिन वह ये भूल जाते हैं कि जब वह सरकार में थे, तो पहले 32 दिनों में सिर्फ पांच मंत्री थे।

सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई

महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट में शामिल 16 विधायकों की सदस्यता रद्द करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरफ से शिंदे समेत शिवसेना के 16 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है और साथ ही इनकी अयोग्यता कार्रवाई पूरी होने तक इन्हें विधानसभा से दूर रखने और सदन की कार्यवाही में शामिल न होने की भी मांग की है।

बताया जा रहा है कि इसलिए कैबिनेट विस्तार के फैसले पर देरी हो रही है। हालांकि कहा जा रहा है कि भाजपा और शिंदे गुट में मंत्रियों की संख्या और विभागों को लेकर सहमति बन गई है, मंत्रियों की सूची बना ली गई है  लेकिन विभागों के बंटवारे के लिए भाजपा आलाकमान की मंजूरी लेनी होगी।

Edited By: Arijita Sen