नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री के सभी के लिए शिक्षा मिशन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर राष्ट्र को बधाई देते हुए, मंत्री ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति 2020, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, समागम शिक्षा अभियान और कई अन्य पहलों जैसे सुधारों के माध्यम से लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार एनईपी, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, समझौता शिक्षा अभियान जैसे सुधारों के माध्यम से बच्चों को सशक्त बनाने और अपने मिशन 'एजुकेशन फॉर ऑल' के लिए अथक प्रयास कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2020 COVID-19 संकट और उससे परे साक्षरता शिक्षण और सीखने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि विषय जीवनभर सीखने के परिप्रेक्ष्य में साक्षरता सीखने पर प्रकाश डालता है और इसलिए मुख्य रूप से युवाओं और वयस्कों पर ध्यान केंद्रित करता है। 8 सितंबर को यूनेस्को द्वारा 26 अक्टूबर 1966 को यूनेस्को के सामान्य सम्मेलन के 14 वें सत्र में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया गया। यह पहली बार 1967 में मनाया गया था। इसका उद्देश्य व्यक्तियों, समुदायों और समाजों को साक्षरता के महत्व को उजागर करना है।

क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 

जानकारी के लिए बता दें कि हर साल आठ सितंबर को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 1966 में हुई थी, जब यूनेस्को ने शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और दुनियाभर के लोगों का इस तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल आठ सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस' मनाने का निर्णय लिया गया था।

इसे मनाने की घोषणा 26 अक्तूबर 1966 को हुई थी, लेकिन सबसे पहले इसका विचार ईरान के तेहरान में शिक्षा से जुड़े मंत्रियों के विश्व सम्मेलन के दौरान आया था। हालांकि, सम्मेलन की शुरुआत साल 1965 में हो गई थी।

 

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