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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईडी जल्द भगोड़े अपराधियों की जब्त करेगी 15,000 करोड़ की संपत्ति

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Tue, 24 Apr 2018 10:15 PM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ों के खिलाफ पहली कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

ईडी जल्द भगोड़े अपराधियों की जब्त करेगी 15,000 करोड़ की संपत्ति
ईडी जल्द भगोड़े अपराधियों की जब्त करेगी 15,000 करोड़ की संपत्ति

नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में मंजूर किए भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत शराब कारोबारी विजय माल्या, हीरा व्यापारी नीरव मोदी जैसे भगोड़ों के खिलाफ पहली कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ईडी नए अधिनियम के तहत इन भगोड़ों की 15,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने वाला है।

-देश की विभिन्न विशेष मनी लांड्रिंग अदालतों में शीघ्र दस्तक देगी ईडी

अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी नामचीन भगोड़ों और बड़े बैंक लोन डिफाल्टरों के खिलाफ नये अधिनियम के तहत जल्द ही देश की विभिन्न विशेष मनी लांड्रिंग अदालतों में दस्तक देगी। मनी लाड्रिंग के मामलों में भारत से भागकर लंदन में रह रहे विजय माल्या, नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी, हीरा कंपनी के प्रमोटर जतिन मेहता और अन्य के खिलाफ पहले कार्रवाई होगी। प्रवर्तन निदेशालय को नये अधिनियम के तहत और सशक्त बनाया गया है। वही नये अधिनियम को लागू कराएगी।

अधिकारियों ने बताया कि नये अधिनियम के तहत भगोड़ों की देश और विदेश में सारी संपत्तियों को तत्काल जब्त किया जा सकेगा। फिर चाहे वह संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अटैच की हो या नहीं की हो।

सीबीआइ और ईडी के नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के बाद नये अधिनियम के तहत उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि माल्या के मामले में ईडी 9,890 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इसीतरह नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के मामले में भी 7,664 करोड़ रुपये की संपत्ति संबद्ध हो चुकी है। पहली बार में ही ईडी के 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति ईडी के जब्त कर लेने की संभावना है। अन्य मामले बाद में धीरे-धीरे उठाए जाएंगे।

नये अधिनियम का मकसद ही यही है कि देश से भागे हुए बैंक डिफाल्टरों और अन्य घपलेबाजों की संपत्ति सीज करके नुकसान की भरपाई की जा सके।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अरसे से लंबित भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 को पिछले रविवार को ही मंजूरी दी थी। इससे ईडी को भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने का अधिकार मिल जाएगा।