नई दिल्ली, प्रेट्र। चुनाव आयोग उस नियम पर पुनर्विचार कर सकता है जिसमें ऐसे मतदाता के खिलाफ मुकदमा चलाने और दंडित करने का प्रावधान है जिसकी ईवीएम और वीवीपैट में खराबी की शिकायत गलत पाई गई हो।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, 'वर्तमान चुनाव अब खत्म हो चुके हैं, हम संभवत: इस बात पर आंतरिक रूप से विचार करेंगे कि इसमें संशोधन किया जाना चाहिए, इसे नरम बनाया जाना चाहिए.. हम इस पर पुनर्विचार करेंगे।' वह उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि कुछ लोग इस मामले में दंड के प्रावधान को गैरजरूरी मानते हैं।

चुनाव संहिता के नियम 49एमए के तहत अगर कोई मतदाता दावा करता है कि ईवीएम या वीवीपैट ने उसका सही वोट दर्ज नहीं किया है तो उसे टेस्ट वोट डालने की अनुमति है। लेकिन अगर मतदाता गलत मिलान का दावा साबित करने में असफल रहा तो चुनाव अधिकारी उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 177 के तहत कार्रवाई कर सकते हैं।

इस धारा में ऐसे व्यक्ति को छह महीने तक की सजा या एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। चुनाव आयोग का मानना है कि अगर दंड का प्रावधान नहीं होगा तो लोग झूठी शिकायतें करने लगेंगे।

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Posted By: Nitin Arora

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