जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर इलाके के परिसीमन की कवायद शुरु कर दी है। चुनाव आयोग ने इस मामले पर मंगलवार को पहली अहम बैठक बुलाई, जिसमें आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से नए परिसीमन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

आयोग अब गृह मंत्रालय के अनुरोध के बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर देगा। जानकारी के अनुसार आयोग जल्द ही केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर परिसीमन आयोग का गठन करेगा।

चुनाव आयोग की तरफ से राजनीतिक पार्टियों, स्थानीय लोगों से विचार के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो बाद में सरकार को सौंपी जाएगी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून की धारा-60 के तहत जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 की जाएगी।

मंगलवार को दो घंटे चली चुनाव आयोग की बैठक में परिसीमन के बारे में विस्तार पूर्वक विमर्श किया गया। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, दोनों चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक परिसीमन की पूरी रुप रेखा के बारे में आयोग की एक टीम ने मुख्य चुनाव आयुक्त अरोड़ा को एक प्रस्तुति भी दी है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में परिसीमन होते ही विधानसभा सीटों की संख्या में बदलाव होगा और यहां की विधानसभा क्षेत्रों का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा।

बताते चले कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आज तक कश्मीर का ही पलड़ा भारी रहा है, क्योंकि विधानसभा में कश्मीर की विधानसभा सीटें, जम्मू के मुकाबले ज्यादा रही हैं, लेकिन अब परिसीमन होने से जम्मू की विधानसभा सीटें बढ़ सकती है।

मौजूदा स्थिति में जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में कुल 87 सीटों पर चुनाव होता है। जिसमें 87 सीटों में से घाटी में 46, जम्मू में 37 और लद्दाख में 4 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन में सीटों के बदलाव में आबादी और वोटरों की संख्या का भी ध्यान रखा जाता है।

हाल ही में केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को सदन में पास करवाया था। सरकार ने अनुच्छेद 370 (3) के अंतर्गत प्रदत्त कानूनों को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर पुर्नगठन 2019 विधेयक को पेश किया था। इस विधेयक के मुताबिक जम्मू कश्मीर को अब केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा होगा। लद्दाख बगैर विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश होगा।

अभी जम्मू-कश्मीर में कुल 111 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 87 जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की हैं। बाकी 24 पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए खाली रखी जाती हैं। अब नए परिसीमन के तहत लद्दाख के खाते की 4 सीटें हट जाएंगी, क्योंकि वहां पर विधानसभा नहीं रहेगी। 

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Posted By: Bhupendra Singh

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