श्रीनगर [ब्यूरो]। आतंकियों के साथ पक़़डे गए डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी [एनआईए] को सौंप दी गई। एक-दो दिन में एनआईए निलंबित डीएसपी और उसके साथ पक़़डे गए हिजबुल व लश्कर के तीनों आतंकियों को अपनी हिरासत में ले लेगी। इस बीच, दूसरे दिन भी एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो [आईबी] के अधिकारियों ने देविंदर सिंह और हिजबुल कमांडर नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद बाबू से पूछताछ जारी रखी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा एनआइए को सौंपा

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा एनआइए को सौंपने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। उन्होंने बताया कि एनआईए को इस मामले की जांच से जु़ड़ी कुछ कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करना है, उसके बाद ही देविंदर सिंह व उसके साथ पक़़डे गए आतंकियों को उसके हवाले किया जाएगा।

एनआइए पुलवामा में कई आतंकी हमलों की कर रही है जांच

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि एनआइए ही पुलवामा में बीते चार वर्षो के दौरान हुए विभिन्न आतंकी हमलों की जांच कर रही है। इनमें जनवरी 2017 में जिला पुलवामा पुलिस लाइन पर हुआ आतंकी हमला भी शामिल है। डीएसपी देविंदर सिह इस हमले के समय पुलवामा में ही तैनात था। इसलिए यह मामला भी एनआईए को सौंपा गया है।

देविंदर सिंह केस- सांप्रदायिक रंग देने को लेकर कांग्रेस और भाजपा में छिड़ी नई जंग

राजनीति भी शुरू इस बीच, डीएसपी देविंदर सिंह की गिरफ्तारी को सांप्रदायिक रंग देने को लेकर कांग्रेस और भाजपा में नई जंग शुरू हो गई है।

भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा- आतंकवाद पर धर्म की सियासत करना कांग्रेस की संस्कृति

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने 'देविंदर सिंह' के 'देविंदर खान' होने की स्थिति में संघ की ट्रोल रेजिमेंट की ओर से और भी तीखी प्रतिक्रिया की आशंका जताई तो भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि आतंकवाद पर धर्म की राजनीतिक करना हमेशा से कांग्रेस की संस्कृति रही है।

Posted By: Bhupendra Singh

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