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मेन्यू में नाटी चिकन, चेहरे पर मुस्कान, मगर रुख बरकरार... दूसरी बार नाश्ते पर मिले डीके-सिद्दरमैया

Published: Tue, 02 Dec 2025 11:31 AM (IST)

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नाश्ते पर दूसरी मुलाकात हुई। पहली मुलाकात में इडली-सांभर था, ...और पढ़ें

डीके शिवकुमार ने कहा कि हम राज्य में अच्छा शासन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं (फोटो: पीटीआई)

डीके शिवकुमार ने कहा कि हम राज्य में अच्छा शासन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं (फोटो: पीटीआई)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में जारी खींचतान के बीच सीएम सिद्दरमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच मंगलवार को दूसरी बार नाश्ते पर मुलाकात हुई। दोनों के बीच पहली मुलाकात में इडली-सांभर और उपमा परोसा गया था, लेकिन इस बार मेन्यू में नाटी चिकन और इडली था।

इस ब्रेकफास्ट मुलाकात में कुनिगल विधायक रंगनाथ और शिवकुमार के भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश भी मौजूद थे। मीटिंग के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि हम राज्य में अच्छा शासन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आलाकमान हुआ था सख्त

कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी कलह कोई एक-दो दिन पुरानी बात नहीं है। डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार ये आरोप लगाते हैं कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल का पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट हुआ था। सिद्दरमैया के शपथ लेने के बाद से ही उन्हें आए दिन ये बात याद दिलाने का कोई मौका नहीं छोड़ा जाता।

हाल ही में जब दोनों नेताओं के बीच तनाव कुछ ज्यादा ही बढ़ गया, तब कांग्रेस आलाकमान ने सख्त रुख अख्तियार किया और दोनों नेताओं को विवाद जल्द से जल्द सुलझाने को कहा। इसके बाद 29 नवंबर की सुबह सिद्धारमैया के कावेरी घर पर दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात हुई। अब 2 दिसंबर दोनों नेता शिवकुमार के घर पर मिले।

अपनी बात पर अडिग दोनों नेता

हालांकि इन मुलाकातों का डीके शिवकुमार और सिद्दरमैया के रुख पर कितना असर पड़ा है, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। दोनों अपने-अपने स्तर से सामान्य दिखने जैसे बयान दे रहे हैं, लेकिन अपनी बात पर अडिग हैं। ब्रेकफास्ट के बाद सिद्धारमैया ने अपनी बात दोहराई थी कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

मंगलवार को हुई चर्चा के बाद शिवकुमार ने कहा, 'आज मैंने सीएम सिद्दरमैया को अपने घर पर ब्रेकफ़ास्ट पर बुलाया, क्योंकि हम कांग्रेस के विज़न के तहत अच्छे शासन और अपने राज्य के लगातार विकास के लिए अपने वादे को दोहराते हैं।'