रतलाम (एजेंसी)। कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि आगामी चुनाव में अगर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मतदान करने वाले सभी लोग एकजुट हो जाएं तो परिणाम पूरी तरह से बदल सकते हैं। कांग्रेस नेता ने शुक्रवार रात रतलाम में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान आगामी लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 31 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि 69 प्रतिशत लोगों ने भाजपा के खिलाफ वोट किया था। यदि ये सारे लोग एक हो जाएं तो परिणाम पूरी तरह बदल सकते हैं। हालांकि महागठबंधन के प्रश्न को सिंह यह कहकर टाल गए कि यह राष्ट्रीय नेतृत्व का विषय है।

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में उनका कहना था कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है और चुनाव नतीजों में यह देखने को मिलेगी। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री कौन होगा, उन्होंने कहा कि संसदीय प्रमाली में बहुमत दल का नेता मुख्यमंत्री होता है और बहुमत आने के बाद इसका निर्णय हो जाएगा।

कांग्रेस नेता ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि कांग्रेस में संगठन स्तर पर अभी तक कोई तैयारी शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नेटवर्क पहले से तैयार है। समन्वय यात्रा लेकर यहां आए सिंह ने कहा कि कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ताओं में आज यह धारणा जोर पकड़ रही है कि टिकट चाहे जिसे मिले, कांग्रेस को चुनाव जिताना है, इसलिए अब गुटबाजी जैसी समस्या लगभग समाप्त हो गई है और संगठन में पूरा समन्वय है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की आज जो भी उपलब्धियां हैं, उन सब की शुरुआत उन्होंने ही अपने कार्यकाल में की थी। सड़कों के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि टोल रोड की योजना स्वयं उन्हीं ने आरंभ की थी, जिसे आगे बढ़ाकर आज अच्छी सड़कों का श्रेय लूटा जा रहा है। इसी तरह विद्युत आपूर्ति की सारी योजनाएं भी उन्हीं के कार्यकाल में आरंभ हुई थी, जिसकी वजह से आज मध्यप्रदेश में विद्युत का सरप्लस उत्पादन हो रहा है। संबल योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की गरीब जनता को पिछले चौदह वर्षों सेमहंगी बिजली देकर लूटा जा रहा था और अब दो सौ रुपये में बिजली देकर ललचाया जा रहा है।

Posted By: Srishti Verma