ग्वालियर, जेएनएन। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के स्वागत के लिए ग्वालियर में लगे होर्डिग्स-बैनर को हटाने को लेकर बुधवार को पांच घंटे तक बवाल हुआ। शहर के फूलबाग चौराहे पर दोपहर एक बजे पहले कांग्रेसियों ने पुलिस, नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारियों को घेर लिया। डीएसपी क्राइम रत्नेश सिंह तोमर के साथ अभद्रता की गई। इसी दौरान फूलबाग पर चल रहे मांझी समाज के धरना स्थल पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ज्ञापन लेने पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के नाजिम खान व तोमर के बीच हाथापाई होने लगी। इसके बाद पुलिस ने मंत्री को सुरक्षा घेरे में लिया।

पोस्टर-बैनर हटाने से हाथापाई तक करीब पांच घंटे चला यह विवाद बाद में ग्वालियर के पड़ाव थाने पहुंचा। चार लोगों ने मंत्री तोमर के खिलाफ मामला दर्ज कराने का आवेदन दिया है। पुलिस ने जांच के बाद एफआइआर का भरोसा दिया तब कांग्रेस कार्यकर्ता शांत हुए।

मप्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने कहा कि बैनर हटाने में प्रशासन ने भेदभाव किया। जब शालीन तरीके से विरोध किया तो मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर दादागीरी करने आ गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चांटा मारा और अभद्रता की, कांग्रेस का झंडा फाड़ा। थाने में आवेदन दिया है, लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस ने जांच की बात कही है। एफआइआर नहीं हुई तो हम आंदोलन करेंगे।

ऊर्जा मंत्री मप्र प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा, "मैं तो मांझी समाज का ज्ञापन लेने पहुंचा था। कुछ कांग्रेसियों ने अभद्रता की, उन्हें समझाया कि वे कानून हाथ में न लें। इसपर उन लोगों ने गुंडागर्दी की। प्रशासन नियमों के तहत कार्रवाई करने को स्वतंत्र है।"

ग्वालियर के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी किशोर कान्याल ने कहा कि कांग्रेस ने रोड-शो व होर्डिग्स-बैनर लगाने की अनुमति नहीं ली थी, इसलिए निगम उन्हें हटाने की कार्रवाई कर रहा था। कांग्रेसियों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। 

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