नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुहर्रम के मौके पर लोगों को सलामी दे डाली। एक तरफ जहां इस्लाम को मानने वाले इस दौरान मातम मना रहे थे, वहीं दिग्विजय इसे उत्सव के तौर पर ले रहे थे। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय ने ऐसा ट्वीट किया कि वो ट्विटर पर क्या पूरे सोशल मीडिया में ट्रोल होने लगे।

दरअसल मंगलवार को मुहर्रम पर दिग्विजय सिंह के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया। इसमें कहा गया, 'सभी मुस्लिम भाईयों और बहनों को मुहर्रम के पावन अवसर पर हमारी सलाम'। हालांकि, इसके बाद कुछ लोगों ने तो इसपर उनका बहुत मजाक उड़ाया, लेकिन कुछ लोग इसे वोट बैंक की राजनीति पर ले गए। लोगों ने लिखना चालू कर दिया कि आप मुसलमानों के हिमायती हो, ऐसा हम तब तक नहीं मानेंगे, जब तक आप दो चार कोड़े खुद को नहीं मारोगे और उसका वीडिया नहीं अपलोड करोगे।

बता दें कि इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार मुहर्रम को मातम का महीना कहा जाता है। परंतु कांग्रेस नेता ने इसे पावन पर्व बता दिया।

मुहर्रम पर क्यों मनाया जाता है मातम
पैग़ंबर-ए-इस्‍लाम हज़रत मोहम्‍मद के नाती हज़रत इमाम हुसैन को इसी मोहर्रम के महीने में कर्बला की जंग (680 ईसवी) में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था। कर्बला की जंग हज़रत इमाम हुसैन और बादशाह यज़ीद की सेना के बीच हुई थी। मोहर्रम में मुसलमान हज़रत इमाम हुसैन की इसी शहादत को याद करते हैं। हज़रत इमाम हुसैन का मक़बरा इराक़ के शहर कर्बला में उसी जगह है जहां ये जंग हुई थी। ये जगह इराक़ की राजधानी बग़दाद से क़रीब 120 किलोमीटर दूर है और बेहद सम्मानित स्थान है।

Posted By: Nitin Arora

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