इंदौर, एएनआई। कांग्रेस नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुस्लिमों की कट्टरता खतरनाक है, उसी तरह हिंदुओं की भी कट्टरता खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अगर बहुसंख्यक आबादी का संप्रदायीकरण होता है तो देश के लिए बड़ी मुश्किल होगी।

दिग्विजय सिंह ने बुधवार को इंदौर में ये विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि इमरान खान का अतिवादी (रेडिकल) इस्लाम जितना खतरनाक है, उतना ही खतरनाक उग्र हिंदुत्व भी है। उन्होंने इमरान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जी कहकर भी संबोधित किया।

वह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि पं. नेहरू ने कहा था कि अल्पसंख्यकों की सांप्रदायिकता के मुकाबले बहुसंख्यकों की सांप्रदायिकता कहीं ज्यादा खतरनाक होती है। आज हम जो हालात पाकिस्तान में देख रहे हैं वो इसलिए है क्योंकि वहां बहुसंख्यक सांप्रदायिक हुए हैं। भारत में यदि बहुसंख्यक सांप्रदायिक हुए तो देश को बचाना मुश्किल होगा। भारत एक धार्मिक देश है। गांधीजी ने भारत की सनातनी परंपरा और संस्कृति को समझा था। सनातन धर्म में सत्य अ¨हसा की बात होती है। आज अ¨हसा ही संकट में है। भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी की परंपरा के साथ हमारा धर्म संकट में है।

उन्होंने कहा कि हमें उसका विरोध करना है तो अ¨हसा का रास्ता चुनना पड़ेगा। अनुच्छेद-370 पर सरकार के रुख का उल्लेख करते हुए दिग्विजय ने कहा कि आज अगर गांधीजी जिंदा होते तो घोषणा कर देते कि मैं लाल किले से लाल चौक तक यात्रा करूंगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि कश्मीर समस्या का हल जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत से हो सकता है। सिंह ने वाट्सएप को समाज का दुश्मन करार देते हुए कहा कि झूठ को प्रचारित किया जा रहा है। युवा इसी में उलझे हुए हैं। बहस न करना कांग्रेसियों की सबसे बड़ी कमी है।

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