जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। झारखंड के मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में खुद पर लगे आरोपों से बौखलाकर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे पर दुर्भावना से प्रेरित होकर एक ही दिन में पांच एफआइआर दर्ज कराने वाले आइएएस अफसर और देवघर के डीसी सह-डीईओ मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने राज्य सरकार से न सिर्फ उन्हें तत्काल डीसी सह-डीईओ के पद से हटाने के निर्देश दिए हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार को उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।

आयोग ने सांसद निशिकांत दुबे और आइएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। खास बात यह है कि आयोग ने निशिकांत दुबे की शिकायत पर मंजूनाथ को नोटिस दिया था। साथ ही इससे जुड़ी जानकारी तलब की थी।

इस दौरान पाया गया कि दुर्भावना से प्रेरित होकर डीसी सह-डीईओ देवघर ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके साथ ही आयोग ने आने वाले चुनावों में बगैर आयोग की अनुमति के उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी न देने के भी निर्देश दिए हैं।

मंजूनाथ पर एक पार्टी के लिए काम करने का लगा था आरोप

गौरतलब है कि अप्रैल 2021 में हुए मधुपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भाजपा ने मंजूनाथ पर एक पार्टी के लिए काम करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्हें डीईओ की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया था। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने उन्हें फिर से डीसी सह-डीईओ की जिम्मेदारी दे दी थी। इसके बाद उन्होंने सांसद के खिलाफ एक ही दिन पांच एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे।

माफीनामा को गोड्डा सांसद ने इंटरनेट मीडिया पर किया था साझा

बता दें कि पिछले दिनों इस मामले को लेकर झारखंड भाजपा और दुबे ने भजंत्री पर राजनीतिक हमला बोला था। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता की तरह कार्य करने का आरोप लगाया था। मामला बिगड़ते देख भजंत्री ने चुनाव आयोग से माफी मांगी थी। माफीनामा को गोड्डा सांसद ने इंटरनेट मीडिया फेसबुक पर साझा किया था।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan