नई दिल्ली (जेएनएन)। राज्यसभा सीट न मिलने के कारण सपा से नाराज होकर भाजपा में शामिल हुए नरेश अग्रवाल ने आते ही मंच से पार्टी को असहज कर दिया। राज्यसभा की रेस में जया बच्चन से परास्त हुए अग्रवाल ने भाजपा की मंच से उनकी तुलना 'नाचने गाने वाली' से कर दिया जिससे मंच पर बैठे भाजपा के दूसरे नेता असहज दिखे।

हालांकि तत्काल भाजपा प्रवक्ता की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि भाजपा सभी क्षेत्रों से आने वालों का स्वागत करती है। भाजपा में शामिल होने की अग्रवाल की जो भी रणनीति हो, उन्हें पहले ही दिन यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जुबान पर लगाम लगानी होगी। खासतौर पर तब जबकि वह अक्सर कुछ न कुछ विवादित बयान देते रहे हैं।

 कुछ ही देर में केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कड़े शब्दों में ट्वीट कर कहा- 'श्री नरेश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। उनका स्वागत है। लेकिन जया बच्चन जी के विषय में उनकी टिप्पणी अनुचित एवं अस्वीकार्य है।' 

 नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने को लेकर कई अटकलें हैं। इसे भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश में नौंवी सीट पर कब्जे की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। खुद अग्रवाल ने घोषणा भी कर दी कि उनका विधायक पुत्र भाजपा उम्मीदवार के लिए वोट करेगा। वहीं यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि क्या योगी कैबिनेट में भी वह या उनका परिवार शामिल होगा। सोमवार को भाजपा कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें सदस्यता दिलाई। उससे पहले नरेश अग्रवाल भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर चुके थे। शामिल होने के बाद उन्होंने जहां जया बच्चन पर भड़ास निकाली वहीं मुलायम सिंह यादव और राम गोपाल यादव की प्रशंसा की

इस मौके पर गोयल ने कहा कि नरेश अग्रवाल का भाजपा में स्वागत है। उनकी पूरी टीम ने बीजेपी में शामिल हुई है। भाजपा में शामिल होने के बाद नरेश अग्रवाल ने जया बच्चन के प्रति खुलकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, 'फिल्मों में काम करने वाली से मेरी हैसियत कर दी गई, उनके नाम पर हमारा टिकट काटा गया। मैंने इसको भी बहुत उचित नहीं समझा। मैं भाजपा में कोई शर्त पर नहीं आया हूं और ना ही कोई राज्यसभा टिकट की मांग की है। आज मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूं। मैं समझता हूं जब तक राष्ट्रीय पार्टी में नहीं रहेंगे तो पूरे राष्ट्र की सेवा नहीं कर सकते हैं। मैं पीएम मोदी और सीएम योगी से भी प्रभावित हूं। ' 

 सत्ता के करीब रहने के माहिर नरेश अग्रवाल के ऊपर जब समाजवादी पार्टी ने जया बच्चन को वरीयता देकर राज्यसभा भेजने का टिकट दिया, तभी से नरेश अग्रवाल का समाजवादी पार्टी से मोह भंग हो गया। यूपी के हरदोई के रहने वाले अग्रवाल 1980 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद से वह कई अन्य दलों से होते हुए समाजवादी पार्टी पहुंचे थे। अग्रवाल हरदोई विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे हैं।

नरेश अग्रवाल कांग्रेस और बसपा में भी रह चुके हैं। 1989 में वे कांग्रेस से अलग हुए।जिसके बाद उन्होंने 1997 में अखिल भारतीय लोकतांत्रिक पार्टी गठित की। इसके बाद उन्होंने बसपा ज्वाइन की। मायावती पर पैसा लेने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। इसके बाद लंबे समय तक सपा में रहे। उन्हें समाजवादी पार्टी में बड़ा वैश्य चेहरा माना जाता था। माना जा रहा है कि नरेश अग्रवाल 2019 में हरदोई से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी भी हो सकते हैं।

 

Posted By: Kishor Joshi