नई दिल्ली, प्रेट्र। राफेल डील पर जारी महासंग्राम के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। रक्षा मंत्री ने पूछा कि क्या वे कारपोरेट प्रतिद्वंद्विता के प्यादे बन गए हैं या फिर 36 लड़ाकू जेट की खरीद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली में एक कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है, वह रक्षा मंत्रालय के गलियारे से बिचौलियों को दूर रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि जितना संभव हो सके इस बहस के हर हिस्से पर विस्तार से बताया जाए, वो भी हम में से किसी के अंतरराष्ट्रीय कारपोरेट वारफेयर के हाथों में पड़े बिना। हमें किसी भी कारपोरेट वारफेयर का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।'

रक्षा मंत्री ने कहा, 'हम सरकार को लगातार परेशान करने, लोगों को लगातार गलत जानकारी देने के लिए कारपोरेट दिग्गजों के प्यादे नहीं बन सकते।' उनका यह बयान एक समाचार पत्र की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 36 राफेल जेट खरीदने का फैसला अनिवार्य प्रक्रिया का उल्लंघन कर लिया गया है। इससे उसकी कीमत 41.42 फीसद बढ़ गई है। मोदी सरकार का नौ फीसद कम दाम पर विमान खरीदने का दावा गलत है।

इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस सरकार पर फिर से हमलावर हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार ने वायुसेना की 126 लड़ाकू विमानों की जरूरत को खारिज कर देश के साथ गलत किया है और इस सौदे की जांच सिर्फ संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से ही हो सकती है।

उन्होंने सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाते हुए यह सवाल भी किया कि जब वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत थी तो सरकार सिर्फ 36 राफेल विमान क्यों खरीद रही है?

 

Posted By: Bhupendra Singh

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